स्थापित होंगे सौ तेलंगाना पब्लिक स्कूल – सरकारी विद्यालयों में मिलेगा नाश्ता

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस वर्ष से पूरे राज्य में (हैदराबाद शहर छोड़कर) 100 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में तेलंगाना पब्लिक स्कूल शुरू करने के आदेश दिये। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंगारेड्डी जिले मंचाला मंडल स्थित आरुट्ला तेलंगाना पब्लिक स्कूल की तरह ही इन सौ स्कूलों में कक्षाएं, खेल मैदान और अन्य सभी सुविधाएं, शिक्षक और परिवहन की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अगले शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए नाश्ता लागू करने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक छात्र को नाश्ते के साथ-साथ दूध भी दिया जाना चाहिए और इसके लिए दूध विजया डेयरी से लिया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग पर कमांड कंट्रोल सेंटर में एक समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकारी स्कूलों को एक आदर्श बनाने का आह्वान किया। उन्होंने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (क्योर) के दायरे में सरकारी स्कूलों का निर्माण कॉर्पोरेट स्कूलों की तरह करें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक वर्ष के भीतर 12 इंटिग्रेटेड स्कूलों का निर्माण कार्य पूरा किया जाना चाहिए। भारतीय विद्या भवन और जुबली हिल्स पब्लिक स्कूलों में जो सुविधाएं है, वे सभी इन स्कूलों में भी होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा आयोजित 99 दिनों के कार्यक्रमों में एक सप्ताह शैक्षिक गतिविधियों के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करना चाहिए और सुविधाओं के बारे में पता लगा कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

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स्कूल स्तर से एआई शिक्षा शुरू करने पर सरकार का जोर

सीएम ने अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दुनिया में बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर स्कूल स्तर से ही इसके शिक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने शिक्षकों और लेक्चररों को भी एआई पर अल्पकालिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि वे बदलती तकनीक को अपना सकें। उन्होंने कहा कि इसके अलावा छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म और किताबें देने के अलावा इस वर्ष से स्कूल बैग, पेन, पेंसिल, शार्पनर, रंगीन पेंसिल, जामेट्री बॉक्स, शब्दकोश, जूते और मोज़े भी दिए जाएंगे।

सीएम ने यह भी आदेश दिया कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों और एटीसी में एआई आधारित पाठ्यक्रम भी जल्द शुरू किए जाएँ। उन्होंने कहा कि पुराने पाठ्यक्रम को हटा दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को आवश्यक निधिपँ आवंटित की जाएंगी। उन्होंने याद दिलाया कि पहले ही उस्मानिया विश्वविद्यालय को एक हजार करोड़ आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष को अन्य विश्वविद्यालयों को कितनी धनराशि की आवश्यकता है, इस पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर निजी स्कूलों में फीस नियंत्रण के संबंध में तेलंगाना निजी स्कूल फीस नियामक आयोग ने अपनी रिपोर्ट के अंश मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। रेवंत रेड्डी ने कहा कि जिले के स्तर पर जिलाधीश और जिले शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में स्कूलों का निरीक्षण किया जाए और फीस निर्धारण पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश व सेवानिवृत्त मुख्य सचिव स्तर की समिति इस पर निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि फीस नियंत्रण के संबंध में छात्रों के अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों की राय जानने के लिए इस मसौदे को सार्वजनिक डोमेन में रखा जाए।

तेलंगाना शिक्षा आयोग ने सौंपी रिपोर्ट

तेलंगाना शिक्षा समिति ने राज्य शिक्षा नीति पर अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपी। आयोग के अध्यक्ष आकुनूरी मुरली व अन्य सदस्यों ने सीएम को बताया कि उन्होंने अमेरिका, वियतनाम और मलेशिया के दौरे किये और विभिन्न देशों और राज्यों में सर्वोत्तम प्रथाओं का निरीक्षण कर यह रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने इस रिपोर्ट में से अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू किये जाने वाले मुद्दों पर एक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सरकारी सलाहकार केशव राव के नेतृत्व वाली समिति को सौंप दी।

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