राज्य भर में ऑपरेशन क्रैकडाउन : शिवधर रेड्डी
हैदराबाद, तेलंगाना पुलिस विभाग ने राज्य में साइबर क्राइम सिस्टम को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है।
पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो के तहत संचालित इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ नाम दिया गया है। इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। 16 जिलों की पुलिस यूनिट्स एक साथ ‘म्यूल’ (बेनामी) बैंक अकाउंट नेटवर्क को तोड़ने के मकसद से मैदान में उतरी है, जो साइबर क्रिमिनल्स की रीढ़ बनता जा रहा है।
4,775 म्यूल अकाउंट एक्टिव, 9,431 केस से कनेक्शन
अगले कुछ महीनों तक चलने वाले इस ऑपरेशन के तहत पहले दिन राज्य की 137 बैंक शाखाओं में 512 अधिकारियों और कर्मचारियों वाली 137 स्पेशल टीमों ने बड़े पैमाने पर जांच की। आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में डीजीपी ने बताया कि पुलिस, जिसने यह पहचाना है कि साइबर क्रिमिनल मासूम लोगों के नाम पर खोले गए अकाउंट के ज़रिए बड़ी रकम डायवर्ट कर रहे हैं, संबंधित अकाउंट होल्डर्स की केवाईसी डिटेल्स की अच्छी तरह से जांच कर रही है। तेलंगाना सुरक्षा ब्यूरो द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस बात के सबूत मिले हैं कि वर्ष 2025 में अब तक राज्य में लगभग 4,775 म्यूल अकाउंट एक्टिव रूप से चल रहे थे।
इनमें से 1,888 संदिग्ध अकाउंट की शुरुआत में पहचान की गई और उनकी जांच की गई और यह ध्यान देने वाली बात है कि ये अकाउंट सीधे तौर पर देश भर में रजिस्टर्ड 9,431 साइबर क्राइम से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता इस बात से साफ है कि इनमें से 782 मामले सीधे तेलंगाना राज्य से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि जांच के तहत कुछ बैंक की शाखाओं में ऐसे सैकड़ों बेनामी अकाउंट सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शक है कि इसके पीछे बैंक स्टाफ या एजेंट की भूमिका के ज़रिए एक ऑर्गनाइज़्ड नेटवर्क चल रहा है।
सुल्तान बाजार का अकाउंट 496 क्रिमिनल केस से जुड़ा
हैदराबाद के सुल्तान बाज़ार का एक अकाउंट देश भर में 496 क्रिमिनल केस से जुड़ा है, जिसकी अधिकारियों ने पुष्टि की है। सूर्यापेट जिले में सिर्फ चार बैंकों की शाखाओं में 298 अकाउंट साइबर क्राइम से जुड़े हैं। दूसरी ओर, यह बताया गया और जांच में पता चला है कि बिना आरटीजीएस सुविधा वाले कुछ छोटे बैंक राष्ट्रीयकृत बैंकों के सिस्टम का इस्तेमाल कर फंड ट्रांसफर कर रहे हैं और क्रिमिनल अकाउंट की शुरुआत में सही वेरिफिकेशन प्रोसेस की कमी का फायदा उठा रहे हैं। इन कमियों को ठीक करने के अलावा डीजीपी ने चेतावनी दी कि गैर-कानूनी कामों में मदद करने वाले लोगों और ऑर्गनाइजेशन के ख़िलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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डीजीपी ने उम्मीद जताई कि यह ऑपरेशन राज्य में साइबर फाइनेंशियल धोखाधड़ी को रोकने में एक मील का पत्थर साबित होगा। शिवधर रेड्डी ने ब्यूरो की निदेशक व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिखा गोयल और संबंधित टीमों को इस नए प्रोग्राम को डिजाइन करने के लिए खास तौर पर बधाई दी। शिवधर रेड्डी का मानना है कि फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के एनालिसिस और कस्टमर की प्रोफाइलिंग के ज़रिए साइबर क्रिमिनल नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने की ज़रूरत है।
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