नए आयकर कानून से पहले तकनीकी तैयारियों पर जोर संसदीय समिति

नयी दिल्ली, संसद की एक समिति ने बृहस्पतिवार को आयकर विभाग से अपने ई-फाइलिंग पोर्टल और पूरे आईटी बुनियादी ढांचे का ‘दबाव परीक्षण’ करने को कहा है। इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एक अप्रैल से नया अधिनियम लागू होने पर कोई तकनीकी खामी न आए।
भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति को आयकर विभाग ने बताया कि नए आयकर अधिनियम के तहत अधिसूचित किए जाने वाले 190 फॉर्म में केवल 54 फॉर्म 31 मार्च, 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। बाकी फॉर्म बाद में चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे।
आईटी ढांचे का पहले सख्ती के साथ परीक्षण किया
समिति ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि आयकर नियमों और संबंधित फॉर्म की अधिसूचना और प्रकाशन में तेजी लाई जाए, ताकि करदाताओं और पेशेवरों को इसे अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।’’
गौरतलब है कि नया और सरल आयकर अधिनियम, 2025 छह दशक से अधिक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा और एक अप्रैल से प्रभावी होगा।सितंबर, 2025 में ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि पूरे आईटी ढांचे का पहले सख्ती के साथ परीक्षण किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सॉफ्टवेयर बिना किसी रुकावट के कामकाज संभालने में सक्षम हो। (भाषा)
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