पीएम 22 को दिखाएँगे मेरठ मेट्रो, नमो भारत को हरी झंडी
नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मेरठ का दौरा करेंगे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस शहर में शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर ‘मेरठ मेट्रो’ और ‘नमो भारत ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रधानमंत्री वहां से मेट्रो से मेरठ साउथ स्टेशन तक जाएंगे और अपराह्न करीब एक बजे मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर’ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मोदी इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। प्रधानमंत्री संपूर्ण 82 किलोमीटर लंबे ‘दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर’ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह भारत की पहली ‘नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) के शेष खंडों का उद्घाटन करेंगे, जिनमें दिल्ली में सराय काले खां और न्यू अशोक नगर के बीच का पांच किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है।
कॉरिडोर का ब्योरा
- कॉरिडोर की लंबाई: 82.15 किमी
- एलिवेटेड लंबाई – 70.0 किमी (दिल्ली: 9.22 किमी; उत्तर प्रदेश: 60.57 किमी)
- भूमिगत लंबाई – 12.0 किमी (दिल्ली: 5 किमी; यूपी: 7 किमी)
- दिल्ली सेक्शन: लगभग 14 किमी, यूपी में हिस्सा: लगभग 68 किमी
- दुहाई और मोदीपुरम में दो मेंटिनेंस डिपो।
- परियोजना की कुल लागत: 30,274 करोड़ रुपये
फंडिंग के सोर्स
- मल्टीलेटरल फंडिंंग- एडीबी (ADB) से लगभग 1 अरब डॉलर, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) से 50 करोड़ डॉलर और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (AIIB) से 50 करोड़ डॉलर
- भारत सरकार की ओर से अंशदान: 20%; दिल्ली सरकार से: 3.22%; यूपी सरकार से: 16.78%
कॉरिडोर पर कुल 16 नमो भारत स्टेशन
स्टेशन का नाम (डिजाइन)
- जंगपुरा एलिवेटेड
- सराय काले खां एलिवेटेड
- न्यू अशोक नगर एलिवेटेड
- आनंद विहार अंडरग्राउंड
- साहिबाबाद एलिवेटेड
- गाजियाबाद एलिवेटेड
- गुलधर एलिवेटेड
- दुहाई एलिवेटेड
- दुहाई डिपोएट ग्रेड
- मुरादनगर एलिवेटेड
- मोदी नगर साउथ एलिवेटेड
- मोदी नगर नॉर्थ एलिवेटेड
- मेरठ साउथ एलिवेटेड
- शताब्दी नगर एलिवेटेड
- बेगमपुल अंडरग्राउंड
- मोदीपुरम एलिवेटेड
ऐसे तय हुआ कॉरिडोर का सफर
- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की आधारशिला 8 मार्च 2019 को पीएम मोदी ने रखी थी।
- निर्माण कार्य की शुरुआत के चार साल के भीतर 20 अक्टूबर 2023 को पीएम ने भारत के पहले दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन किया। उन्होंने साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किमी लंबे प्राथमिक सेक्शन को राष्ट्र को समर्पित किया और देश की पहली नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग-ऑफ किया।
- 6 मार्च 2024 को मोदीनगर नॉर्थ तक 17 किमी के अतिरिक्त खंड को जनता के लिए खोल दिया गया, जो 18 अगस्त 2024 को मेरठ साउथ तक विस्तारित हो गया। इस विस्तार के साथ कॉरिडोर में 8 किमी का परिचालित खंड और जुड़ गया।
- 5 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री ने दिल्ली में साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर के बीच 13 किमी के अतिरिक्त खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही नमो भारत ट्रेनों का दिल्ली में आगमन हुआ और आनंद विहार जैसा प्रमुख स्टेशन जो एक महत्वपूर्ण मल्टीमॉडल हब है, जनता के लिए खोल दिया गया।
- 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री की ओर से न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किमी के सेक्शन और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किमी के सेक्शन का उद्घाटन संभावित है, जिसके बाद संपूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए परिचालित हो जाएगा।
नमो भारत ट्रेन की खास बातें
- नमो भारत ट्रेन के कोचों में 2×2 सीटिंग व्यवस्था है।
- ट्रेन में खड़े होकर यात्रा कर रहे यात्रियों की सुविधाजनक यात्रा के लिए ग्रैब हैंडल और रेलिंग के अलावा सामान रखने के लिए लगेज रैक, मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और पर्याप्त लेगरूम उपलब्ध हैं।
- डबल ग्लेज्ड, टेम्पर्ड सेफ्टी ग्लास विंडो जो यात्रियों को बाहर का मनोरम दृश्य पेश करती हैं।
- ट्रेन में पब्लिक अनाउंसमेंट और डिस्प्ले सिस्टम, डायनामिक रूट मैप डिस्प्ले, और इन्फोटेनमेंट डिस्प्ले जैसी सुविधाएँ हैं, साथ ही आपातकालीन संचार की सुविधा भी उपलब्ध है। यह ट्रेन आधुनिक दृश्य और ऑडियो घोषणा के लिए डिजाइन की गई है, जो यात्रियों को अगले स्टेशन, अंतिम गंतव्य और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।
- स्वचालित प्लग-इन प्रकार के चौड़े दरवाज़े, जो हवा का प्रतिरोध और शोर कम करते हैं।
- सीसीटीवी, फायर एंड स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंग्विशर और डोर इंडिकेटर।
- ट्रेन के दरवाजे के पास व्हीलचेयर के लिए विशेष स्थान, जिससे आसान पहुंच सुनिश्चित हो।
- शानदार विश्वसनीयता और परफॉर्मेंस की जरूरतों के अनुकूल हल्के वजन और कॉम्पैक्ट प्रोप्लशन सिस्टम।
- इन कोचों को 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम परिचालन गति और हर 5–10 किमी पर स्टेशनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि ट्रेन हाई एक्सिलरेशन और हाई डिस्लरेशन का सामना कर सके।
- इन आधुनिक ट्रेनों में जरूरत के आधार पर दरवाजों को आवश्यकतानुसार खोलने के लिए पुश बटन दिए गए हैं। यह हर स्टेशन पर सभी दरवाजों को खोलने की आवश्यकता को समाप्त करता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है।
- हर ट्रेन में एक प्रीमियम कोच की सुविधा है (प्रति ट्रेन एक कोच), जिसमें अधिक आरामदायक, व्यापक और रीक्लाइनिंग सीटें हैं, जहां प्लेटफॉर्म स्तर पर बनाए गए एक विशेष प्रीमियम लाउंज के द्वारा पहुंचा जा सकता है।
- हर ट्रेन में एक कोच महिला यात्रियों के लिए आरक्षित है।
- ट्रेनों की उच्च परिचालन गति को ध्यान में रखते हुए, सभी नमो भारत स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSDs) लगाए गए हैं। ट्रेन के दरवाजे पीएसडी के साथ एकीकृत हैं।
पैसेंजरों की सुविधाओं का खास ध्यान
एनसीआरटीसी ने नमो भारत को डिजाइन करते समय इंजीनियरिंग सुविधा के बजाय यात्रियों की सुगमता और आराम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
- मल्टी-मॉडल एकीकरण: जहां भी संभव हो, नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न साधनों जैसे हवाई अड्डे, भारतीय रेलवे के स्टेशनों, अंतर-राज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटी), दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों और बस स्टेशनों के साथ एकीकृत किया गया है। यह यात्रियों को एक साधन से दूसरे साधन के बीच निर्बाध आवाजाही की सुविधा प्रदान करता है। परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच यह सहज एकीकरण लोगों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- नमो भारत कॉरिडोर को दिल्ली मेट्रो की सभी 7 लाइनों के साथ एकीकृत किया जाएगा, जहां भी वे एक-दूसरे से जुड़ते हैं। जहां एक तरफ नमो भारत क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक ‘बैकबोन’ (आधार) के रूप में कार्य करेगा, वहीं दिल्ली मेट्रो की लाइनें फीडर और डिस्पर्सल सेवाएं प्रदान करके इसका पूरक बनेंगी।
- सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, दुहाई, मुरादनगर, मेरठ साउथ, परतापुर और भैंसाली जैसे स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), अंडरपास, लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य संभावित माध्यमों से सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों के साथ जोड़ा जाएगा।
- एक बार पूर्णत क्रियान्वित हो जाने के बाद नमो भारत नेटवर्क और दिल्ली मेट्रो सहित दिल्ली की मास ट्रांजिट प्रणाली की कुल लंबाई 743 किमी होगी, जो लंदन क्रॉस रेल, हांगकांग एमटीआर और पेरिस आरईआर की लंबाई से भी अधिक है।
- फेज-1 के सभी 3 कॉरिडोर सराय काले खां पर जुड़ेंगे और वे इंटरऑपरेबल होंगे, जिससे यात्री बिना ट्रेन बदले एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर तक एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा कर सकेंगे।
- नमो भारत स्टेशनों पर पैदल यात्रियों के अनुकूल पथ, लिफ्ट/एस्केलेटर और बैठने की जगह के साथ-साथ कई अन्य यात्री-केंद्रित सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जो पहुंच को आसान बनाती हैं।
- यात्रियों की बेहतर सुरक्षा के लिए सभी नमो भारत स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए गए हैं।
- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कार्यान्वयन से इस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 37% से बढ़कर 63% होने की उम्मीद है, जो प्रदूषण को रोकने में काफी सहायक होगा।
- सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी बढ़ने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी, जिसके चलते दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
प्रधानमंत्री मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच चलने वाली मेरठ मेट्रो सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे। यह नमो भारत के बुनियादी ढांचे पर ही संचालित होगी, जो देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह मेट्रो रास्ते के सभी निर्धारित ठहरावों पर रुकते हुए, पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय कर लेगी। (भाषा)
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