आरडीओ ही एजेंसी मंडल अधिकारी : तेलंगाना हाईकोर्ट
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने माना है कि राज्य में वर्ष 2019 के दौरान जारी सरकारी आदेश संख्या 4 के अनुसार राजस्व मंडल अधिकारी (आरडीओ) एजेंसी मंडल अधिकारी है। अदालत ने टिप्पणी की कि कोमरमभीम आसिफाबाद ज़िले के सिरपुर- टी मंडल के दोरापल्ली ग्राम सरपंच की अयोग्यता के संबंध में संबंधित अधिकारियों के समक्ष याचिका दायर की जानी चाहिए।
अदालत ने याचिका को योग्यताहीन बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव याचिका दायर करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि कानून के तहत ऐसी रिट याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। दोरापल्ली गाँव की सरपंच चुनी गई सोयम समीरा ने आरडीओ द्वारा उनके खिलाफ जारी अयोग्यता आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि एकतरफा आदेश अमान्य है और आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
यह भी पढ़ें… नागरिक प्रशासन के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी
अधिकारियों पर चुनाव में प्रतिद्वंद्वी के साथ मिलीभगत का आरोप
आदेश तेलंगाना पंचायतराज अधिनियम की धारा 27 व 28 का अनुपालन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने चुनाव में उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी के साथ मिलीभगत की थी। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एन.वी. श्रवण कुमार की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रापोलु भास्कर ने दलील देते हुए कहा कि निर्वाचन अधिकारी का तर्क है कि माध्यमिक विद्यालय प्रमाण-पत्र के अंकों के मेमो के आधार पर सरपंच पद के लिए नामांकन दाखिल करने की तिथि तक याचिकाकर्ता की आयु 21 वर्ष पूरी नहीं हुई थी।
हालाँकि एजेंसी क्षेत्र में आरडीओ को ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। एजेंसी मंडल अधिकारी के रूप में जारी किए गए आदेश अमान्य है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कहा कि एजेंसी क्षेत्र में मंडल अधिकारी आरडीओ होता है। दलील सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि याचिका में कोई दम नहीं है, इसीलिए इसकी सुनवाई नहीं की जा सकती।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



