सीएमए पेशे की पुनर्कल्पना पर क्षेत्रीय लागत एवं प्रबंधन लेखाकार सम्मेलन आरंभ
हैदराबाद, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) की दक्षिण भारत क्षेत्रीय परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय लागत एवं प्रबंधन लेखाकार सम्मेलन आज से शामीरपेट स्थित लियोनिया रिसॉर्ट्स में आरंभ हुआ। सीएमए पेशे की पुनर्कल्पना : सतत मूल्य और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ावा देना विषयक सम्मेलन का उद्घाटन एनसीसी चेयरमैन तथा आईसीएमएई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए.एस. दुर्गा प्रसाद ने किया।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अवसर पर आईसीएमएई के केंद्रीय परिषद सदस्य डॉ. के.सी.ए.वी.एस.एन. मूर्ति, आईसीएमएई-एसआईआरसी अध्यक्ष सीएमए विजय किरण अगस्त्य, कोषाध्यक्ष केवीएन लावण्या, आईसीएमएई हैदराबाद चैप्टर अध्यक्ष सीएमए ख्वाजा जलालुद्दीन, सीएमए टीसीए श्रीनिवास प्रसाद व अन्य उपस्थित थे। सीएमए डॉ. ए.एस. दुर्गा प्रसाद ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्यम प्रदर्शन और राष्ट्र निर्माण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में एकीकृत लागत नेतृत्व, निष्पादन अनुशासन और डेटा आधारित निर्णय लेने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हम क्रमिक परिवर्तन के दौर में नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संरचनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं।
सम्मेलन के विषय पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि सीएमए को पूर्ण डिजिटल दक्षता तथा पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) साक्षरता प्राप्त करनी चाहिए। अन्यथा रणनीतिक रूप से हाशिए पर चले जाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीएमए जोखिम उद्यम एकीकरणकर्ता या मूल्य वास्तुकार के रूप में भारत के विकास ढांचे को आकार देंगे। इसके लिए हमें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
अनुपालन से शासन और कार्यात्मक उत्कृष्टता से उद्यम पर प्रभाव
हमें रिपोर्टिंग से दूरदर्शिता, लागत नियंत्रण से मूल्य संरचना, अनुपालन से शासन संरचना, कार्यात्मक उत्कृष्टता से उद्यम पर प्रभाव आदि की ओर बढ़ना होगा। साथ ही हमें भारतीय उद्यमों को केवल आकार के आधार पर ही नहीं, बल्कि विश्वसनीयता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करनी चाहिए।
सीएमए विजय किरण अगस्त्य ने कहा कि आरसीएमएसी 2026 को कार्यवाही उन्मुख ज्ञान साझाकरण के लिए एक मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, ताकि सीएमए पेशेवरों को मूल्य अभियांत्रिकी, डिजिटल प्रदर्शन प्रबंधन और सतत विकास पहलों के माध्यम से उद्यम परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जा सके। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्प्रेडशीट से रणनीति की ओर बढ़ना है।
यह भी पढ़ें… राजा सिंह के खिलाफ भड़काने वाले की पुलिस से शिकायत
इस दो दिवसीय सम्मेलन में उद्योग, वित्त, शासन और प्रबंधन में उभरते रुझानों पर तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा, विशेषज्ञ विचार-विमर्श आदि का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्योग प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, नीति निर्माता, सीएमए पेशेवरों समेत पांच सौ से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन मुख्य रूप से प्रदर्शन उत्कृष्टता, जिम्मेदार विकास और भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व के संगम पर सीएमए की भूमिका को मजबूत करने पर केंद्रित है।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



