बेचैन गर्मियों में शरीर को चैन दें, ये पांच योगासन

गर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है। शरीर में पानी की कमी हो जाने से यह सुस्ती और बेचैनी से भी घिर जाता है। ऐसे में कुछ योगासन हैं जो न केवल शरीर को तरोताजा और स्फूर्तिदायक बनाते हैं बल्कि हमारी कार्यक्षमता को भी बढ़ाते हैं। क्योंकि इस साल गर्मियां मई वाली बेचैनी अभी से ही लेकर आ गई हैं, इसलिए हमें इनसे बचने के कुछ शारीरिक प्रयास भी करने होंगे। आइये जानते हैं, कौन-से वो योगासन हैं, जो हमें इन गर्मियों में तरोताजगी देंगे।
पद्मासन
यह ध्यान का आसन है, लेकिन तन व मन दोनों को शीतलता प्रदान करता है। गर्मियों में नियमित रूप से पद्मासन करने से हम अपने तनाव पर काबू पाते हैं। शरीर की ऊर्जा को संतुलित कर पाते हैं। प्राणायाम और ध्यान के लिए यह खास आसन है। इसके साथ ही जिन्हें गर्मियों के आते ही चिड़चिड़ापन सताने लगता है, उन्हें तो पद्मासन से दोस्ती कर ही लेना चाहिए। पद्मासन करने के लिए ज़मीन पर बैठकर दोनों पैरों को विपरीत जांघों पर रखें, रीढ़ को सीधी रखें और आँखें बंद करके गहरी सांसें लें। मन को एकाग्रचित्त करने की कोशिश करें और शांत मन से सकारात्मक विचारों को अंतस में प्रवाहित होने दें।
शशांकासन
शांकासन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह आसन शरीर और दिमाग को तुरंत शांत करता है। इसलिए शशांकासन गर्मियों से होने वाली थकान को दूर करने के लिए बेहद उपयुक्त है। इसे नियमित करने से दिमाग को ठंडक मिलती है। ब्लडप्रेशर नियंत्रित रहता है। मानसिक तनाव और बेचैनी कम होती है। जहाँ तक सवाल ये है कि शशांकासन कैसे करें तो सबसे पहले व्रजासन में बैठें, फिर सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें और इतना धीरे-धीरे झुकें कि माथा ज़मीन पर लग जाए और अब हाथ आगे की तरफ फैला दें, हो गया शशांकासन। यह शरीर को आगे की ओर झुकाकर रीढ़ की हड्डी, पीठ और कंधों को लचीला बनाता है। यह आसन न केवल मानसिक शांति, बल्कि पाचन तंत्र को सुधारने और पेट की चर्बी कम करने में भी बहुत मददगार है।
भुजंगासन
भुजंगासन को कोबरा आसन भी कहते हैं। कोई सतर्क काला नाग जिस मुद्रा में होता है, उसे ही भुजंगासन कहते हैं। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें, हथेलियों को कंधे के पास रखें और धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं तो जो पोज बनेगा, वो भुजंगासन का होगा। भुजंगासन करने के जो त्वरित फायदे मिलते हैं, उनमें रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर में ऊर्जा तथा रक्त का संचार बढ़ता है। गर्मियों के मौसम में भुजंगासन इसलिए फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे शरीर की जकड़न दूर हो जाती है और उसे करते ही सुस्ती खत्म हो जाती है। पेट के बल लेटकर किया जाने वाला यह आसन छाती, कंधे और पेट को फैलाता है, कमर दर्द में राहत देता है, तनाव कम करता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और पाचन अंगों को उत्तेजित करता है।
ताड़ासन
ताड़ासन को माउंट पोज भी कहते हैं। ताड़ासन करने से शरीर का संतुलन सुधरता है और गर्मियों में विशेषकर इसे करते ही आलस्य दूर हो जाता है, क्योंकि यह पूरे शरीर को ऊपर की तरफ खींचता है। इससे मासंपेशियां सक्रिया होती हैं। थकान और सुस्ती कम होती है। जहाँ तक ये सवाल है कि माउंट पोज या ताड़ासन कैसे करें, तो सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं, अब हाथ ऊपर उठाकर शरीर को ऊपर की तरफ खींचें तथा गहरी सांस लें, यही ताड़ासन है।
शवासन
शवासन गर्मियों में शरीर के तापमान को संतुलित रखता है। मानसिक थकान दूर करता है और पूरे योग सत्र के बाद इसे किया जाए तो यह शरीर को फिर से ऊर्जा से भर देता है। इस तरह गर्मियों में शरीर को तुरंत आराम देने वाला शवासन सबसे प्रभावी आसन है। इसे करने के लिए पीठ के बल सीधा लेटें, हाथ पैर ढीला छोड़ दें और अपनी सांसों पर ध्यान दें। स्थिर चित्त से शवासन करें।
लेकिन बरतें ये सावधानियां
गर्मियों में योगासन करते समय सावधान रहना बहुत ज़रूरी होता है। कुछ बुनियादी सावधानियां ये हैं, जिनका पालन करना चाहिए –
- योगासन हमेशा सुबह या शाम में ही करें। तेज धूप के समय भूलकर ये न करें।
- योगा से पहले पर्याप्त पानी पीएं और योगा खत्म करने के बाद भी पानी पीना ज़रूरी है।
- गर्मियों में सूती, महीन और हल्के कपड़े पहनें।
- इन दिनों ज़्यादा जोर लगाने वाले आसनों से बचें।
- साथ ही योग के साथ शीतली और शीतकारी प्राणायाम भी करें। ये शरीर को ठंडक पहुँचाती हैं।
-दिव्यज्योति नंदन
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