निर्माण कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : एम. रमेश
हैदराबाद, साइबराबाद पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश ने निर्माण कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय में श्रम विभाग, नगर निगम और प्रोविडेंट फंड अधिकारियों के साथ आयोजित समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त डॉ. एम. रमेश ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों या दुर्घटनाओं के दौरान पहचान में आने वाली समस्याओं से बचने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है। उन्होंने लेबर कैंपों में स्पष्ट नियम लागू करने, पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएँ श्रमिकों तक पहुँचाने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने मादक पदार्थों, विशेषकर गांजे के खिलाफ लेबर कैंपों में नियमित जाँच के निर्देश देते हुए कहा कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही बाहर से आए श्रमिकों के लिए बेहतर आवास, स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर विशेष ध्यान देने की जानकारी दी। शेरीलिंगमपल्ली के डीसीपी सी.एच. श्रीनिवास ने कहा कि श्रमिकों को समय पर वेतन, न्यूनतम मजदूरी और बीमा सुविधाएँ देना अनिवार्य है। उन्होंने श्रमिक कानूनों के सख्त पालन और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर निगरानी बढ़ाने की बात कही।
लेबर कैंपों में सीसीटीवी और सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य
साथ ही सुझाव दिया कि लेबर कैंपों और निर्माण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे, एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, पर्याप्त लाइटिंग और सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू किए जाएँ। श्रमिकों के बच्चों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर उन्होंने जोर दिया।
क्षेत्रीय पीएफ आयुक्त दुर्गा प्रसाद ने कहा कि ईपीएफ एवं एमपी अधिनियम कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि निर्धारित सीमा से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में यह कानून लागू होता है और कर्मचारियों को पेंशन, बीमा और अन्य लाभ मिलते हैं। श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त श्यामसुंदर रेड्डी ने कहा कि सभी श्रमिकों का पंजीकरण, आधार और बैंक विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम भुगतान और सुरक्षा सुविधाएँ सुनिश्चित न करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम की उपायुक्त ज्योति ने कहा कि निर्माण स्थलों पर शौचालय, पीने का पानी और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवसर पर अतिरिक्त डीसीपी एम. उदय रेड्डी, पीएफ आयुक्त मनोज कुमार, नगर निगम अधिकारी कृष्णमोहन सहित कई अधिकारी, कोल्लूर, नारसिंगी और गच्ची बावली क्षेत्रों से निर्माण कर्मचारियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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