सौ दिन चले अढ़ाई कोस – बेगम बाज़ार में सड़क पर मलबे से परेशान आमजन

हैदराबाद, बीते चार से पाँच महीने में शहर में स्वच्छता और सफाई को लेकर जीएचएमसी ने काफी जोर-शोर से प्रचार किया, विशेषकर शहर में निर्माण सामग्री का मलबा हटाने को लेकर जीएचएमसी आयुक्त आर. वी. कर्णन काफी गंभीर नज़र आते हैं। उन्होंने इसके लिए भारी भरकम चालान की घोषणा भी की है, लेकिन इस मामले में लगता है कि उनका अपना विभाग उनकी बात नहीं सुन रहा है। ताज़ा उदाहरण शहर के व्यस्ततम मार्केट स्थल बेगम बाज़ार से है, जहाँ एक गली में सड़क निर्माण का कार्य बीस दिन से लोगों को प्रभावित किये हुए है। ऐसा लग रहा है कि निगम का सौ दिन का अभियान सौ दिन चले अढ़ाई कोस कहावत को चरितार्थ कर रहा है।

बेगम बाज़ार में प्रवेश के लिए गोशामहल-मुस्लिम गंज मार्ग की ओर से जो दो प्रमुख मार्ग हैं, उनमें छत्री और पोस्ट ऑफिस की गलियाँ काफी महत्वपूर्ण हैं। यहाँ अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है। विशेषकर यहाँ ड्राई फ्रूट एवं दैनिकोपयोगी प्लास्टिक, किराणा तथा अन्य दुकानें मौजूद हैं। हर दिन यहाँ लाखों की संख्या में लोग आते हैं। यहाँ आवागमन में छोटी सी बाधा भी छोटी नहीं रहती है। ऐसे में दो मार्गों तथा एक गली में चार स्थानों पर मलबा फेंकने और सड़क निर्माण के नाम पर बीस दिन से अधिक समय तक काम को लंबित रखने से लोगों को कितनी परेशानी हो रही होगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

बेगम बाज़ार पोस्ट ऑफिस की गली में मलबा जमा

इस संवाददाता ने जब बेगम बाज़ार पोस्ट ऑफिस की गली में प्रवेश किया, तो पाया कि सड़क खुदी हुई है और सड़क के चारों तरफ मलबा डाला गया है। मलबे के आस-पास लोगों ने अपने दुपहिया वाहन पार्क कर रखे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मलबा लगभग बीस से पच्चीस दिन से ऐसे ही है। दूसरी ओर बेगम बाज़ार छत्री के मार्ग पर मलबा कुछ इस तरह फैल गया है कि आने जाने वाहनों को कतरा कर गुज़रना पड़ रहा है।

यदि दूसरी ओर से एकाधिक वाहन आते हैं तो फिर जाम की स्थिति से दो-चार होना पड़ रहा है। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया कि मलबा हटाने की बात पर अधिकारियों ने कहा कि हटाने पर वाहन प्रवेश करेंगे, इसलिए मलबा यथावत रखा गया है। कब हटाया जाएगा, इसके बारे में जब पूछो, तब दो-तीन दिन का समय लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जब नगर निगम आयुक्त ने स्वच्छता एवं सफाई के लिए 100 दिन का अभियान शुरू करने की घोषणा की थी, तो उस अभियान में मलबे को लेकर काफी बड़े दावे किये गये थे।

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मलबा हटाने में जीएचएमसी की लापरवाही जारी

मलबा डालने पर चालान की चेतावनी भी दी गयी थी, लेकिन बेगम बाजार में गलियों में बड़ी ही लापरवाही से डाले गये सरकारी या सार्वजनिक मलबे की जिम्मेदारी कौन लेगा और इसके लिए किसको चालान जारी किया जाएगा, पता नहीं। एक व्यापारी ने बताया कि मलबे से निजात तो सब चाहते हैं, लेकिन इसके बारे में जीएचएमसी ही गंभीर नहीं है। यदि जीएचएमसी सड़कों की खुदाई और निर्माण के दौरान सड़कों से पड़ा मलबा उठा लेता है तो निर्माण स्थल पर आमजन को होने वाली परेशानियों को कम किया सकता है।

व्यापारियों का कहना है कि रमज़ान और होली मुख्य त्यौहार हैं। इन त्यौहारों के समय इस तरह के उपेक्षात्मक रवैये से न केवल उनके कारोबार पर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम के संबंधित ठेकेदार को यह कार्य जल्दी पूरा कर गली को सार्वजनिक यातायात के खोल देना चाहिए। विशेषकर मलबा उठाने में देरी नहीं करनी चाहिए।

इस संबंध में गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि जीएचएमसी के ठेकेदार समय पर कार्य पूरा करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम तौर पर सड़क निर्माण में बाधा न हो, इसके लिए मलबा इस तरह फेंकने की परंपरा चली आ रही है, जिस पर रोक लगना अनिवार्य है। इस तरह मलबा फेंकने से न केवल असुविधा हो रही है, बल्कि ऐसा करना दुर्घटना को भी आमंत्रित कर सकता है। उन्होंने कहा कि निगमीय अधिकारियों से संपर्क में हैं और अनुरोध कर चुके हैं कि सड़क निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाए।

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