सेकंड-हैंड टू-व्हीलर मार्केट : कम बजट से प्रीमियम बाइक तक ग्राहकों की बढ़ती मांग
शहर के प्रमुख सेकंड-हैंड टू-व्हीलर बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर कम बजट में अच्छी कंडीशन वाली बाइक और स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों की मांग तेजी से बढ़ी है। शहर के प्रमुख सेकंड-हैंड वाहन बाजार किंग कोठी इलाके में संचालित डीलरों से बातचीत में यह सामने आया कि अब ग्राहक केवल सस्ती गाड़ी नहीं बल्कि भरोसेमंद ब्रांड, बेहतर कंडीशन और रीसेल वैल्यू को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।


यह जानकारी सेकंड-हैंड वाहन विक्रेता मिर्जा इमरान (Mirza Motors) और सैयद बेमीन शैल अमीर (Baymeen A One Motors) से लिए गए इंटरव्यू के आधार पर सामने आई है।
सेकंड-हैंड मार्केट में कौन-सी बाइक सबसे ज्यादा डिमांड में?
डीलरों के अनुसार सेकंड-हैंड बाजार में सबसे अधिक मांग Royal Enfield की बाइकों की बनी हुई है। खासकर बुलेट प्लेटफॉर्म को ग्राहक मजबूत ब्रांड इमेज और लंबी उम्र के कारण पसंद कर रहे हैं।
डीलरों ने बताया कि बुलेट के अलग-अलग स्टाइल और इंजन प्लेटफॉर्म जैसे 350cc और 650cc मॉडल ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। कम बजट में Bullet 350 को ग्राहकों के लिए ‘एंट्री प्रीमियम’ विकल्प माना जा रहा है।
पुरानी बाइकों में रेट्रो लुक के कारण Yamaha Motor Company की RX100 जैसी क्लासिक बाइकों का ट्रेंड भी युवाओं के बीच फिर से बढ़ा है, खासकर फिल्मों और सोशल मीडिया प्रभाव के कारण।

स्कूटर सेगमेंट में कौन आगे?
स्कूटर कैटेगरी में रोजमर्रा उपयोग के कारण Honda के मॉडल सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। इसके बाद आरामदायक डिजाइन और लंबी सीटिंग पोजिशन के कारण Suzuki के मैक्सी-स्कूटर ग्राहकों की पसंद बन रहे हैं।
डीलरों के अनुसार ऑफिस जाने वाले, परिवार उपयोगकर्ता और डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले ग्राहक इन स्कूटर्स को ज्यादा खरीद रहे हैं।
ग्राहक कितना बजट लेकर आते हैं?
इंटरव्यू में सामने आया कि सेकंड-हैंड बाजार में आने वाले अधिकतर ग्राहकों का बजट सीमित होता है।
- सबसे सामान्य बजट – लगभग ₹50,000।
- अधिकतर खरीदारी रेंज – ₹30,000 से ₹1 लाख।
- कुछ ग्राहक प्रीमियम बाइक के लिए इससे ज्यादा बजट भी रखते हैं।
डीलरों का कहना है कि कई लोग नई गाड़ी शोरूम से खरीदने में सक्षम नहीं होते, इसलिए सेकंड-हैंड विकल्प उनके लिए बेहतर समाधान बन रहा है।
कौन-सी बाइक सबसे तेजी से बिकती है?
डीलरों के अनुसार:
- मजबूत ब्रांड वाली बाइक्स तेजी से बिकती हैं।
- बुलेट प्लेटफॉर्म की बाइक सबसे पहले निकल जाती है।
- अच्छी कंडीशन और कम किलोमीटर चली गाड़ियां ज्यादा देर स्टॉक में नहीं रहतीं।
प्रीमियम सेगमेंट में 2020 मॉडल Interceptor जैसी बाइकों के लगभग ₹2.35 लाख और 2022 मॉडल Honda H’ness जैसी बाइकों के करीब ₹1.45 लाख तक ऑफर होने की चर्चा भी सामने आई।
ग्राहक खरीदते समय सबसे पहले क्या देखते हैं?
डीलरों के अनुसार ग्राहकों की प्राथमिकता स्पष्ट है:
- गाड़ी की कंडीशन (सबसे महत्वपूर्ण)
- इंजन की आवाज और स्मूदनेस
- माइलेज
- एक्सीडेंट हिस्ट्री
- कीमत और ब्रांड
उनका कहना है कि ग्राहक अब ज्यादा जागरूक हो गए हैं और केवल कम कीमत देखकर खरीदारी नहीं करते।
कॉलेज स्टूडेंट और डिलीवरी सेक्टर की बढ़ती मांग
इंटरव्यू में बताया गया कि कॉलेज छात्र सेकंड-हैंड बाइक खरीदने वालों का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। कम बजट और स्टाइल दोनों की चाहत उन्हें सेकंड-हैंड मार्केट तक ला रही है।
इसके अलावा ऑनलाइन फूड और पार्सल डिलीवरी सेक्टर के बढ़ने से माइलेज देने वाली बाइकों की मांग भी बढ़ी है।
सेकंड-हैंड बनाम नई गाड़ी, क्या फायदा?
डीलरों का कहना है कि सेकंड-हैंड वाहन खरीदने में शुरुआती मूल्यह्रास कम होता है।
- नई गाड़ी खरीदते ही कीमत तेजी से गिरती है।
- सेकंड-हैंड गाड़ी पसंद न आने पर बेचने पर नुकसान कम होता है।
इसी कारण कई ग्राहक पहले सेकंड-हैंड बाइक लेकर अनुभव लेना पसंद कर रहे हैं।
मॉडिफिकेशन और कंडीशन पर भी नजर
कुछ प्रीमियम बाइकों में आफ्टरमार्केट फुल सिस्टम एग्जॉस्ट जैसे मॉडिफिकेशन भी देखने को मिले, जिनकी कीमत लगभग ₹1.10 लाख तक बताई गई। हालांकि डीलरों ने ग्राहकों को कंडीशन और रिपेयर हिस्ट्री जांचने की सलाह दी।
एक बाइक के बारे में ‘एंड टू एंड बेंट’ जैसी टिप्पणी भी सामने आई, जबकि बाद में उसे सामान्य बताया गया। इससे स्पष्ट होता है कि खरीद से पहले पूरी जांच जरूरी है।
कौन लोग गाड़ी बेचते हैं?
डीलरों के अनुसार सेकंड-हैंड गाड़ी बेचने वालों में ज्यादातर 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल होते हैं। नौकरी बदलना, अपग्रेड करना या आर्थिक जरूरत इसके प्रमुख कारण हैं।
धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरी दस्तावेज
पहले फर्जी लेन-देन का सामना करने के बाद अब डीलर खरीदारों से जरूरी दस्तावेज लेते हैं:
- आधार कार्ड।
- बिजली बिल या एड्रेस प्रूफ।
इससे वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया सुरक्षित रहती है।
यह भी पढ़ें… ₹10 लाख से कम में खरीदें बेहतरीन सेकेंड-हैंड कारें
दो-पहिया वाहन खरीदते समय जरूरी दस्तावेज
डीलरों के अनुसार सेकंड-हैंड टू-व्हीलर खरीदते समय निम्न दस्तावेज जरूरी हैं:
- आरसी (Registration Certificate)
- इंश्योरेंस पेपर।
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC)।
- सेल लेटर या एग्रीमेंट।
- आईडी और एड्रेस प्रूफ।
सेकंड-हैंड बाइक्स पर आमतौर पर GST सेलर द्वारा चार्ज नहीं किया जाता क्योंकि यह पहले से टैक्स पेमेंटेड गुड होती हैं, हालांकि अगर डीलर प्रोफेशनल सेलर के रूप में नई या प्रीमियम/मॉडिफाइड बाइक बेच रहा हो तो GST लागू हो सकता है। व्यक्तिगत सेलर से खरीदारी में केवल RTO फीस और ट्रांसफर चार्ज लगता है। हैदराबाद में सेकंड-हैंड बाइक खरीदते समय कॉलेज के छात्र और ऑनलाइन डिलीवरी करने वाले लोग भी इन बाइक्स को खरीदते हैं, और बाहर के लोग भी खरीद सकते हैं। हैदराबाद के सेकंड-हैंड टू-व्हीलर बाजार में कम बजट से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक ग्राहकों की मजबूत मौजूदगी दिखाई दे रही है। मजबूत ब्रांड वैल्यू, बेहतर कंडीशन और भरोसेमंद डॉक्यूमेंटेशन अब ग्राहकों की प्राथमिकता बन चुके हैं।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



