श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र ने मनाया स्थापना दिवस

Ad

हैदराबाद, भाकृअनुप-भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं), हैदराबाद द्वारा आज श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र, भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं, हैदराबाद के तृतीय स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सतत खाद्य प्रणाली को मज़बूत करने तथा गाँवों में रोज़गार को बेहतर बनाने में श्री अन्न की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल दिया गया।

श्री अन्न शोध केंद्र में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदेमारतम तथा भाकृअनुप गान से हुआ। तत्पश्चात डॉ. जी. श्याम प्रसाद, प्रधान वैज्ञानिक ने स्वागत भाषण में श्री अन्न प्रचार-प्रसार हेतु अनुसंधान, नवाचार एवं लोक-संपर्क को सुदृढ़ करने में श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। डॉ. आर. मधुसूदन, समन्वयक, ज्वार तथा लघु श्री अन्न पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना ने विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में श्री अन्न की उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ाने में समन्वित अनुसंधान प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला।

संस्थान ने मूल्यवर्धन और बाजार संपर्क के माध्यम से उद्यम बढ़ाया

सम्मानीत अतिथि के रूप में उपस्थित अभय शर्मा, प्रमुख, प्रचालन (डिजिटलीकरण), आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने अनुसंधान, डिजिटलीकरण और क्षेत्र-स्तरीय हस्तक्षेपों के एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से श्री अन्न क्षेत्र को बढ़ाने में भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं के प्रयासों की सराहना की। डॉ. एस.के. प्रधान, सहायक महानिदेशक (खाद्य एवं चारा फसल), भाकृअनुप ने आभासी संबोधन में किसान उत्पादक संगठनों को सहायता करने, मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने तथा बाजार संपर्क को सक्षम बनाकर श्री अन्न आधारित उद्यमों हेतु एक मजबूत परितंत्र बनाने में संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की।

डॉ. संजीव गुप्ता, सहायक महानिदेशक (बीज, तिलहन एवं दलहन), भाकृअनुप ने आभासी संबोधन में बीज प्रणालियों, अनुसंधान प्रगति तथा श्री अन्न प्रौद्योगिकियों के प्रभावी प्रसार में संस्थान के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की। पद्मश्री डॉ. वाई. वेंकटेश्वर राव, अध्यक्ष, रायथु नेस्टहम फाउंडेशन ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के बीच की खाई को पाटने के लिए संस्थान की प्रशंसा की।

डॉ. सी. तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र, टीएसपी, एसीएसपी तथा एनईएच कार्यक्रमों के अंतर्गत हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्री अन्न की बेहतर किस्मों के विकास, मूल्यवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने तथा किसान उत्पादक संगठनों को मज़बूत करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान ने किसानों को प्रौद्योगिकी एवं बाजार से अच्छे से जोड़ा है। इन प्रयासों से किसानों की आय तथा जलवायु परिवर्तन का सामना करने हेतु उनके साहस में काफी बढ़ोतरी हुई।

यह भी पढ़ें… टीजीसीएसबी ने साइबर सुरक्षा को लेकर महिला पत्रकारों को किया जागरूक

डॉ. संगप्पा को श्रेष्ठ वरिष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित

डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (कृअनुशिवि) एवं महानिदेशक, भाकृअनुप तथा डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने शुभकामनाएँ देते हुए श्री अन्न अनुसंधान एवं विकास में संस्थान के योगदान की सराहना की। अवसर पर भाकृअनुप-भाश्रीअनुसं के नए प्रकाशनों तथा प्रौद्योगिकियों का लोकार्पण किया गया। तत्पश्चात श्री अन्न अनुसंधान एवं विकास में योगदान हेतु पुरस्कार प्रदान किए गए। डॉ. संगप्पा को उनके उत्तम नेतृत्व, श्री अन्न अनुसंधान में निरंतर योगदान और संस्थागत प्रयासों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका हेतु श्रेष्ठ वरिष्ठ वैज्ञानिक सम्मान से पुरस्कृत किया गया।

डॉ. अमसिद्ध बी. को नवीन अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास एवं श्री अन्न मूल्यवर्धन श्रृंखला को सुदृढ़ करने हेतु श्रेष्ठ वैज्ञानिक सम्मान से पुरस्कृत किया गया। इसी क्रम में तकनीकी, प्रशासन, लेखा, भंडार अनुभाग में कार्यरत कार्मिकों को उनकी समर्पित सेवा के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा श्री अन्न की नई किस्मों के विकासकर्ता वैज्ञानिकों को उनकी महत्वपूर्ण शोध उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। टेकमल, दुंदुबी और बालानगर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइज़ेशन को उनके उत्तम कार्यों एवं श्री अन्न मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्थानीय प्रेस एवं मीडिया कर्मियों को श्री अन्न प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

इस दौरान मूल्यवर्धित श्री अन्न प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण हेतु समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो उद्योग संपर्क को मज़बूत करने तथा श्री अन्न आधारित उद्यम को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी ने श्री अन्न परितंत्र को मज़बूत करने में श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र की भूमिका की सराहना कर किसानों की आय बढ़ाने, सतत खेती को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसके योगदान पर बल दिया। डॉ. संगप्पा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह संपन्न हुआ।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button