दहेज हत्या मामले में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को उम्रकैद

हैदराबाद, संगारेड्डी के द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पी.पी. कृष्ण अर्जुन ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पठनचेरु पुलिस ने बताया कि अदालत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर गुव्वला राजशेखर रेड्डी (43) को आजीवन कारावास की सजा के साथ 1 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

वहीं इस मामले में शामिल अन्य तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। बताया गया है कि मृतका की शादी वर्ष 2016 में राजशेखर रेड्डी के साथ हुई थी, जिसमें लड़की पक्ष की ओर से भारी दहेज दिया गया था। इसके बावजूद शादी के बाद से ही आरोपी और उसके परिवार के सदस्य पीड़िता को अतिरिक्त दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

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उसी दिन पठनचेरु स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की

इसके बाद 12 जनवरी 2020 को पीड़िता ने अपनी माँ को फोन कर ससुराल में प्रताड़ना की जानकारी दी और उसी दिन पठनचेरु स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि शादी के समय दोषी को 28 लाख नकद और 80 तोला सोना दहेज के रूप में दिया गया था। इसके बावजूद वह लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

पीड़िता ने कई बार अपने परिवार को इस बारे में बताया। परिजनों ने रेड्डी को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में, 29 जनवरी 2020 को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जांच पूरी कर 10 मार्च 2020 को चार्जशीट दाखिल की गई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(बी) (दहेज मृत्यु) के तहत दोषी पाते हुए फैसला सुनाया।

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