दक्षिण काशी विकसित होगी : रेवंत
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आज मंचिरेवुला में ओंकारेश्वर स्वामी और वीरभद्र स्वामी मंदिरों की आधारशिला रखते हुए कहा कि मूसी पुनरुद्धार परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक शिव मंदिरों का निर्माण करके यहाँ दक्षिण काशी का विकास किया जाएगा। रेवंत रेड्डी ने अवसर पर कहा कि ओंकारेश्वर स्वामी और वीरभद्र स्वामी मंदिरों जैसे प्रसिद्ध मंदिरों की नींव रखा जाना अपने आपमें ऐतिहासिक अवसर है।
ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि भगवान शिव के आशीर्वाद से 8 एकड़ भूमि पर 700 करोड़ रुपये की लागत से इन मंदिरों का निर्माण किया जाएगा। इस क्षेत्र के 1,400 वर्षों के इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भावी पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने की ज़िम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव के प्रतीक के रूप में सरकार नागोल में मूसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में एक मस्जिद और एक चर्च का निर्माण भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने मूसी नदी पुनरुद्धार करने का प्रयास किया, लेकिन विभिन्न कारणों से असफल रहीं। मूसी के विकास का अवसर मिलना हमारा सौभाग्य है। विपक्षी दलों द्वारा खड़ी की गई तमाम बाधाओं के बावजूद हमारी जन सरकार मूसी परियोजना को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना का विरोध करने वालों के विरुद्ध जनता शिव तांडव करेगी।
मूसी परियोजना: विकास और स्वच्छता की पहल
रेवंत रेड्डी ने मूसी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर दिए गए समर्थन पर प्रकाश डाला। साथ ही मूसी परियोजना का समर्थन न करने वाले कुछ राजनीतिक नेताओं पर प्रहार करते हुए कहा कि इनमें से कुछ ने इस विकास को रोकने के प्रयास में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में मुकदमा दायर किया, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या इस क्षेत्र के विकास में बाधा डालने वालों के पास जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा करने का नैतिक अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि विभिन्न सभ्यताएँ नदी घाटियों के किनारे फली-फूली हैं। व्यापार और आर्थिक विकास समुद्र तटों पर हुआ है। चूंकि तेलंगाना देश का एक भू-आबद्ध राज्य है, इसलिए मूसी परियोजना का उद्देश्य मूसी और ईसा नदियों को पुनर्जीवित करना है।
ये नदियाँ मानवीय त्रुटियों के कारण अपशिष्ट स्थल बनकर प्रदूषित हो गई हैं। मूसी नदी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। परिणामस्वरूप नलगोंडा जिले के लोग प्रदूषण से पीड़ित हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के सरकारी प्रयासों में बाधा डालने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूसी और ईसा नदियों की उपेक्षा के कारण हैदराबाद की ऐतिहासिक धरोहर विलुप्त होने के कगार पर है। दिल्ली में पहले से ही वायु प्रदूषण बहुत अधिक है और लोग स्वस्थ जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमें ऐसे बड़े शहरों से सीख लेते हुए वायु तथा जल प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करके आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गोदावरी नदी के पानी को मोड़ने और मूसी नदी में निरंतर जल प्रवाह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
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