हैदराबाद, उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि एक बार फिर अपनी निरंतर प्रगति का परिचय देते हुए तेलंगाना के विद्युत संस्थानों ने मंगलवार सुबह 11:01 बजे दर्ज की गई 18,139 मेगावॉट की रिकॉर्ड अधिकतम बिजली मांग को बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा किया। यह तेलंगाना के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक उच्चतम मांग है।
उप मुख्यमंत्री ने इस अभूतपूर्व मांग को बिना किसी रुकावट के कुशलतापूर्वक संभालने और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विद्युत संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि तेलंगाना की आर्थिक प्रगति, परिचालन दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक है। भौगोलिक दृष्टि से छोटा राज्य होने के बावजूद तेलंगाना ने बड़े राज्यों के समान या उनसे भी अधिक अधिकतम विद्युत भार को संभालने की क्षमता प्राप्त कर ली है।
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तेलंगाना में औद्योगिक, कृषि और शहरी क्षेत्रों में तीव्र विकास
यह प्रगति औद्योगिक, कृषि और शहरी क्षेत्रों में तीव्र विकास का स्पष्ट संकेत है। भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि 18,139 मेगावॉट की अधिकतम मांग के साथ तेलंगाना, मध्य प्रदेश (लगभग 19,900 मेगावॉट) और राजस्थान (19,600-20,600 मेगावॉट) जैसे बड़े राज्यों के समकक्ष खड़ा है। अपने अपेक्षाकृत छोटे भौगोलिक क्षेत्र और जनसंख्या के बावजूद तेलंगाना ने अपनी क्षमता सिद्ध की है। तेलंगाना की अधिकतम मांग पंजाब, हरियाणा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक राज्यों से अधिक रही। तेलंगाना उच्च विद्युत खपत घनत्व वाला राज्य बनकर उभर रहा है। आईटी, औषधि उद्योग, विनिर्माण तथा सिंचाई क्षेत्रों में तीव्र विस्तार इस वृद्धि का मुख्य कारण है।
उप मुख्यंमत्री ने कहा कि तेलंगाना में 2024 में अधिकतम मांग 15,623 मेगावॉट, 2025 में अधिकतम मांग 17,162 मेगावॉट रही, जो 2026 में 18,139 मेगावॉट से नए उच्चतम चरण में प्रवेश कर गयी है। तेलंगाना न केवल वर्तमान मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि आगामी ग्रीष्मकालीन अधिकतम मांग को ध्यान में रखते हुए मजबूत ग्रिड प्रणाली, दूरदर्शी रणनीति और समन्वित संचालन के साथ अग्रिम योजना के साथ पूरी तरह तैयार है। तेलंगाना का विद्युत क्षेत्र विकास को गति देने के लिए संरचित है।
