स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने मुसलमानों से घर वापसी करने का आह्वान किया

हैदराबाद, आचार्यश्री स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने भारत के मुसलमानों से घर वापसी कर फिर हिन्दू धर्म अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब भारत में लोकतंत्र है तलवार का राज समाप्त हो चुका है। किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। सुबह का भूला यदि शाम को घर वापस लौट आए, तो उसे भूला नहीं कहते।

भाग्यगर श्रीराम नवमी उत्सव समिति के तत्वावधान में कोठी आंध्रा बैंक के पास आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उज्जैन, मध्य-प्रदेश के आचार्य स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि भारत में जो मुसलमान हैं, वह बाहर से नहीं आए हैं। वह भारतीय ही हैं। उनके पूर्वज हिन्दू ही थे। अकबर, बाबर जैसे आक्रमणकारियों ने तलवार की जोर पर हिन्दुओं को जबरन मुसलमान बनाया था। उन्होंने कहा कि उस समय तलवार से डरकर इस्लाम कबूल कर चुके मुसलमानों को अब डरने की कोई जरूरत नहीं है।

2047 तक गजवा ए हिन्द बनाने की कट्टरवादियों से दूरी रखें

महाराज ने याद दिलाया कि देश के विभाजन के समय नारा लगाया गया था कि हँस के लिया है पाकिस्तान, लड़ के लेंगे हिन्दुस्तान। उसी तर्ज पर वर्ष 2047 तक भारत को गजवा ए हिन्द बनाने की मंशा पाल रखे कट्टरवादियों के बहकावे में न आएँ, लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे कृत्य करने वालों से दूरी बना लें और वसुधैव कुटुम्बकम की विचारधारा को फिर से अपनाएँ। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान, आतंकिस्तान बनाने का सपना देखने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे।

रामस्वरूप महाराज ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि देशों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस), बजरंगदल जैसे कोई संगठन नहीं हैं, फिर भी मुसलमान सुरक्षित नहीं है। उन देशों में मुसलमान ही मुसलमानों को मार रहे हैं। इनसे शांति की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती। सारा विश्व भारत की ओर देख रहा है, क्योंकि भारत ही शांति स्थापित कर सकता है। उन्होंने हिन्दू समाज को संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि चुनौतियों का हमें खुद एकजुट होकर सामना करना पड़ेगा।

यदि हिन्दू ठान ले तो आने वाला समय भारत का ही होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कभी प्रचलित नारे मिले मुलायम और काशीराम, फुर्र हो गए जय श्री राम की याद दिलाते हुए कहा कि हिन्दू जागा और संगठित हुआ। अब उत्तर प्रदेश में नहीं रहे मुलायम न रहे काशीराम बस रह गए जय श्रीराम। उसी प्रकार देश में भी हिन्दुओं को संगठित होना होगा। गंगोत्री धाम से पधारे स्वामी अद्वितानंद गिरी महाराज ने कहा कि संस्कृति का आधार भगवान श्रीराम हैं, जो जन-जन के हृदय में बसे हैं।

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श्रीराम का प्राकट्य दिवस भाग्यनगर में भव्य तरीके से मनाया गया

हम सब श्रीराम के वंशज हैं, उनके प्राकट्य दिवस को जिस प्रकार भाग्यनगर में भव्यता के साथ मनाया जा रहा है, इससे सभी को पता लग गया होगा कि भगवान राम उत्तर या दक्षिण के नहीं, वह सभी के हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ राम हैं, वहीं अयोध्या है और श्रीराम का चरित्र सर्वोपरी है। उन्होंने समस्त हिन्दू समाज को संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि रामराज्य स्थापित करना है, तो सभी को एकजुट होना होगा।

श्रीरामजी की भव्य शोभायात्रा सीताराम बाग से निकलकर भोईगुड़ा कमान, मंगलहाट, जाली हनुमान, पुरानापुल, जुमेरात बाजार, चूड़ी बाजार, बेगम बाजार, बर्तन बाजार, सिद्दिअंबर बाजार, गौलीगुड़ा, पुतलीबावली से होते हुए कोठी सुल्तान बाजार आंध्रा बैंक के पास धर्मसभा में परिवर्तित हुई। शोभायात्रा का मार्ग में अनेक सामाजिक, स्वैच्छिक व धार्मिक संस्थाओं ने स्वागत किया।

अवसर पर भाग्यनगर श्रीराम नवमी उत्सव समिति के महासचिव गोविंद नारायण राठी, उपाध्यक्ष व पूर्व पार्षद एम. वैकुंठम, बाबू गुरु, महेंदर व्यास, भाजपा महिला नेता अरुणा ज्योति, पूर्व पार्षद वाई. कृष्णा व अन्य उपस्थित थे।

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