सूर्य ग्रहण काल
सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 17 फरवरी, मंगलवार की दोपहर 3 बजकर 27 मिनट पर आरंभ होगा, जो शाम 6 बजकर 6 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
इस साल में कुल चार ग्रहण देखने को मिलेंगे। इनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी और चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा। वहीं दूसरा सूर्य व चंद्र ग्रहण अगस्त में लगेगा।
कुंभ राशि में होगा
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंलवार को लग रहा है। यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 37 साल बाद कुंभ राशि में फिर से ऐसा सूर्य ग्रहण लग रहा है, जब ग्रहण के दौरान सूर्य के साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले 7 मार्च, 1989 में ग्रहों की स्थिति इसी प्रकार थी। इसके अतिरिक्त कुंभ राशि में सूर्य और राहु की युति से भी ग्रहण योग प्रभावी होगा।
प्रभावी देश
17 फरवरी, मंगलवार को लगने वाला वलयाकार सूर्य ग्रहण जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजम्बीक, मॉरीशस, अंटार्कटिका सहित तन्जानिया और दक्षिण अमेरिकी देशों में दिखाई देगा।
भारत में नहीं होगा
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
ज्योतिषीय प्रभाव
सूर्य ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है। भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम होने की संभावना कम है।
- फिल्म एवं राजनीति से दुःखद समाचार मिल सकते हैं।
- व्यापार में तेजी आएगी।
- बीमारियों में कमी आएगी।
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- आय में इजाफा होगा।
- पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता अपने चरम पर होगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे।
- विश्व में सीमा पर तनाव बना रहेगा।
- आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन, हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती हैं।
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