हर गरीब को घर उपलब्ध कराना लक्ष्य : पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी
हैदराबाद, राजस्व व आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य हर योग्य गरीब को आवास मुहैया कराना है और राज्य में 31 मार्च तक करीब 1 लाख 12 हजार इंदिरम्मा आवास निर्माण पूरे करके गृह प्रवेश कराए जाएंगे। अगले जून महीने में और 1 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जाएगा।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक काटेपल्ली वेंकटरमणा रेड्डी, भाजपा विधायक दल के उपनेता पायल शंकर, विधायक रामाराव पवार व विधायक धनपाल सूर्यनारायणा द्वारा डबल बेडरूम आवास व इंदिरम्मा आवास की स्थितियों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पोंगुलेटी ने कहा कि राज्यभर के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में इंदिरम्मा आवास हेतु उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए एक दो दिन में टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा जिसमें पाई गई समस्याओं का 24 घंटे के भीतर समाधान कर दिया जाएगा। सभापति गड्डम प्रसाद कुमार के आग्रह पर मंत्री ने हर संयुक्त जिले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ रिव्यु मीटिंग करके समस्याएं दूर करने का आश्वासन भी दिया।
पोंगुलेटी ने कहा कि दूसरे चरण के अंतर्गत इंदिरम्मा आवास अप्रैल महीने के अंत या मई के पहले सप्ताह में दिए जाएंगे, जिसे पहले ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी व उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इंदिरम्मा कमेटी के अध्यक्ष स्थानीय सरपंच रहेंगे। उनके द्वारा लाभार्थियों का चयन करने के बाद सूची जिला कलेक्टर के पास भेजी जाएगी। कलेक्टर के हस्ताक्षर के पश्चात संबंधित जिला प्रभारी मंत्री की मंजूरी दी जाएगी और आवंटन होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के 10 साल में 2 लाख 31 हजार 206 आवास निर्माण को मंजूरी दी गई थी, जिनमें 1,62, 936 आवास हैदराबाद में आवंटित किए गए थे।
78,861 आवास पूरे, पर मौलिक सुविधाओं की कमी रही
इनमें से 78,861 आवास ही पूरे किए गए, लेकिन इनमें मौलिक सुविधाएं नहीं थीं। उन्होंने कहा कि इनमें 21 838 आवास केवल बुनियाद तक सीमित थे। कांग्रेस सरकार ने कंटोनमेंट में 26 हजार अधूरे घरों को 738 करोड़ रुपये खर्च करके मौलिक सुविधाएं पूरी कीं और लाभार्थियों को प्रदान किए हैं। मंत्री ने कहा कि पूर्व केसीआर सरकार ने चुनाव के पहले अंत समय 23 हजार 500 डबल बेडरूम आवास आवंटित किए थे जिन्हें नगर के सीमांत करीब 20 से 30 किमी दूर बनाया गया और लाभार्थियों को आवंटित कर दिए गए।
पोंगुलेटी ने कहा कि नगर हैदराबाद में रहकर यहीं रोजगार, काम धंधा करने वाले लाभार्थियों को इतनी दूर जाना मंजूर नहीं था जिसके चलते 12 हजार से अधिक डबल बेडरूम आवास खाली पड़े रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने करीब 3 बार 4 जिलों से संबंधित कलेक्टरों व उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें करके स्थितियों की समीक्षा की और जब सूची मंगाई गई तो 12 हजार से अधिक आवास खाली पड़े होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन लाभार्थियों को 2 महीने का समय दिया और कहा कि यदि लाभार्थी उन घरों में गृह प्रवेश नहीं करेंगे तो वह घर दूसरों को दे दिए जाएंगे।
पोंगुलेटी ने कहा कि चेतावनी के बाद करीब 650 लाभार्थी गृह प्रवेश करने पर सहमत हो गए लेकिन शेष ने उनके नौकरी, काम धंधे के क्षेत्र से आवास काफी दूर होने का कारण बताकर आवास में रहने के प्रति असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को सरकार ने फिर 2 महीने का एक्सटेंशन दिया। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थी अब भी गृह प्रवेश के लिए आगे नहीं आएंगे तो आस-पास के 5 से 10 किमी रेडियस में रहने वाले योग्य गरीबों को यह आवास देने का सरकार ने निर्णय लिया है।
80 कॉलोनियों में सुविधाओं के लिए 784 करोड़ रुपये मंजूर
पोंगुलेटी ने कहा कि राज्य में करीब 80 कॉलोनियों में मौलिक सुविधाओं के लिए 784 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य हर गरीब को घर देना है इसलिए चाहे जितने करोड़ खर्च हों, लंबित डबल बेडरूम आवास पूरे करके लाभार्थियों को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जीएचएमसी परिधि में आवास निर्माण के लिए झुग्गी क्षेत्रों व सरकारी भूमियों के साथ 14-15 स्थानों का चयन किया गया है। उन स्थानों पर योग्य गरीबों को आवास दिए जाएंगे और राज्य के विभिन्न शहरों खम्मम, वरंगल, निजामाबाद, आदिलाबाद, महबूबनगर जैसे नगरों में आने वाले दिनों में निर्मित किए जाएंगे।
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पोंगुलेटी ने कहा कि पूर्व केसीआर सरकार द्वारा गृह लक्ष्मी योजना द्वारा जिन घरों का निर्माण प्रारंभ किया गया और वे आवास अब भी अधूरे रह गए हैं। उन अधूरे घरों को पूरा करने निधियां देने कैबिनेट में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यभर में जो डबल बेडरूम आवास निर्माण के कार्य विभिन्न स्तर पर रुके हुए हैं, उन्हें पूरा करने यदि पुरानी निर्माण एजेंसी पुराने रेट पर आगे आएगी, तो ठीक, वरना लाभार्थियों के खाते में सरकार पैसा जमा करेगी, उसी पैसे से शेष कार्य पूरे कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व में निर्माण अधूरे छोड़े गए 92 हजार घरों में से 62 हजार के निर्माण कार्य भी पूरे किए हैं। शेष भी जल्द कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।
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