जन्मे कुंडलपुर नगरी में, उजियारा लेकर आए,
महावीर स्वामी ज्ञान की, जग में ज्योति जलाए।
सत्य, अहिंसा का संदेश, सबको उन्होंने दिया,
प्रेम और करुणा से जीवन, जीना हमें सिखा दिया।।
नन्हे-नन्हे जीवों में भी, उन्होंने भगवान देखा,
किसी को दुःख न पहुँचाओ, यह सुंदर ज्ञान सीखा।
क्रोध को जीतो, मन को जीतो, यही था कहना,
सच्चाई की राह पकड़ो, आगे बढ़ते ही रहना।
त्याग और तपस्या से उन्होंने, ऊँचा मार्ग दिखाया,
धैर्य, दया, और संयम का, दीपक जग में जलाया।
हम भी उनके पथ पर चलें, अच्छा मानव बन जाएँ,
झूठ, द्वेष को दूर भगाकर, सच्चाई को अपनाएँ।।
महावीर स्वामी की वाणी, मीठी जैसे तारा,
अहिंसा का संदेश है, सबसे प्यारा प्यारा।
नन्हे मन में यह संकल्प, हर दिन हम दोहराएँ,
सत्य, दया, और प्रेम से, दुनिया सुंदर बनाएँ।।
गोपाल कौशल भोजवाल
