नवपदजी की ओली शाश्वत सुखका मार्ग : भावरत्नाश्रीजी
हैदराबाद, श्री सहस्त्रफणा पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन संघ, रसूलपुरा में भावरत्नाश्रीजी म.सा. की शिष्यरत्न सुक्रतरत्नाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-3 की निश्रा में चैत्र मास की नवपदजी ओली का आयोजन किया गया।
यहां जैन रत्न रमेश पी. तातेड़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साध्वीजी ने कहा कि चैत्र मास की नवपदजी की ओली जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण साधना है। यह आत्मशुद्धि, पुण्य संचय एवं मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करने वाली आराधना है, जिसके माध्यम से जीव अपने अशुभ कर्मों का क्षय कर शाश्वत सुख की प्राप्ति करता है।
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ओली के पांचवें दिन श्रीपाल महाराजा की रास का वाचन हुआ, जिसमें उनके जीवन प्रसंगों के माध्यम से नवपद आराधना की प्रभावशाली महिमा प्रकट होती है। नौवें काल एवं नौवें मंत्र की पूजा कराने वाला यह एकमात्र अनुष्ठान है। यह आराधना पुण्य वर्धक, सुखदायी एवं मोक्षमार्ग की ओर ले जाने वाली है। इसका प्रसार घर-घर एवं जन-जन तक होने की मंगल भावना व्यक्त की गई।
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