निर्ममता का दु:ख – चुनावों से पहले पत्र युद्ध छेड़ा मोदी ने
कोलकाता, विधानसभा चुनाव की घोषणा से कुछ सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से सार्वजनिक अपील करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह ममता बनर्जी के मौजूदा शासन में राज्य के विभिन्न वर्गों के नागरिकों की पीड़ा से व्यथित हैं। प्रधानमंत्री ने विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करके हालात को सुधारने का संकल्प जताया। बांग्ला में लिखे एक खुले पत्र में, मोदी ने कहा कि राजनीतिक परिवर्तन अपरिहार्य है, लेकिन मतदाताओं द्वारा एक सही निर्णय राज्य को देश के बाकी हिस्सों में देखे गए तेज विकास के साथ जोड़ सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने विधानसभा चुनावों से पहले मोदी के पत्र को महज नाटकबाजी करार दिया और सवाल किया कि अगर प्रधानमंत्री राज्य की स्थिति को लेकर इतने चिंतित हैं, तो उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए धनराशि क्यों रोक दी। पत्र में मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को कुशासन और तुष्टीकरण की राजनीति से लेकर फर्जी मतदाताओं, रोजगार की कमी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर निशाना बनाया। पत्र की शुरुआत उन्होंने जय माँ काली के उद्घोष के साथ की।
प्रधानमंत्री ने चुनाव पूर्व किए गए वादों के तहत संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के माध्यम से शरणार्थियों को नागरिकता देने का वादा किया और राज्य की सीमाओं के माध्यम से घुसपैठ रोकने का संकल्प जताया। मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद के भारत में बंगाल वित्तीय एवं औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में देश का अग्रणी केंद्र हुआ करता था। इसे इस कदर कमजोर और बीमार अवस्था में देखकर मुझे बहुत दुख होता है।
यह भी पढ़ें… ममता बनर्जी के शासन में बंगाल की हालत से हूं ‘दुखी’, राज्य में बदलाव ‘अपरिहार्य’: मोदी
रोजगार की कमी से युवाओं का दूसरे राज्यों की ओर पलायन
छह दशकों के कुशासन और तुष्टीकरण की राजनीति से हुए अपूरणीय नुकसान का वर्णन करना असंभव है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहाँ रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की महिलाएँ सुरक्षा की कमी के कारण भयभीत और चिंतित हैं।
अपने पत्र में स्वामी विवेकानंद, श्री अरविंद, सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे बंगाल की राजनीतिक और सांस्कृतिक विभुतियों का कई बार नाम लेते हुए, मोदी ने वर्तमान समय में पश्चिम बंगाल को जकड़े हुए अराजकता के अंधकार पर अफसोस व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंद जैसे महान पूर्वजों द्वारा परिकल्पित पश्चिम बंगाल आज वोट बैंक की राजनीति, हिंसा और अराजकता से ग्रस्त है। उन्होंने पत्र में कहा कि इस राज्य की धरती के सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस, जिनकी स्वतंत्रता की पुकार ने कभी पूरे देश को झकझोर दिया था, उनकी पवित्र भूमि आज घुसपैठ और महिलाओं पर अत्याचार से कलंकित है। फर्जी मतदाता वर्तमान में रवींद्रनाथ टैगोर के सोनार बांग्ला पर हावी हैं।प्रधानमंत्री ने लिखा कि पूरा देश पश्चिम बंगाल में व्याप्त अराजकता के अंधकार से चिंतित है। मोदी ने कहा कि हम कब तक चुपचाप सहते रहेंगे?
जीवन स्तर सुधार के साथ बदलाव की जरूरत पर जोर
बदलाव अब अपरिहार्य है। अन्य राज्यों में जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। आयुष्मान भारत ने स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया है, युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। बंगाल को भी इस विकास का हिस्सा बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जनता की सेवा करने के अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने टैगोर की पंक्ति जहाँ मन भयमुक्त हो और सिर ऊँचा हो का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार और कुशासन को समाप्त करने का वादा किया। मोदी ने कहा कि हम महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, काम के लिए पलायन को कम करेंगे और राज्य की पुरानी शान को बहाल करेंगे। धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए शरणार्थी भाई-बहनों, जिन्होंने यहाँ शरण ली है, उन्हें सीएए के माध्यम से नागरिकता दी जाएगी और हम घुसपैठ रोककर कानून का शासन स्थापित करेंगे।
यह पत्र ऐसे समय आया है, जब प्रदेश भाजपा गृह संपर्क अभियान चला रही है, जिसके दौरान पार्टी के नेता अपने जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री का संदेश पहुँचायेंगे। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री के पत्र को कुछ ही महीनों में होने वाले चुनावों से पहले महज एक नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री सोनार बांग्ला के हालात से इतने चिंतित हैं, तो उन्होंने बंगाल के लोगों के लिए 100 दिन के काम के लिए धन क्यों रोक दिया है? केंद्र ने ग्रामीण आवास और गांवों की सड़कों के लिए कोष क्यों रोक रखा है, जबकि ममता बनर्जी सरकार इन सभी परियोजनाओं का खर्च उठा रही है। केंद्र सरकार से बंगाल को मिलने वाली बकाया राशि फिलहाल 1.96 लाख करोड़ रुपये है। (भाषा)
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



