ईरान में अभी लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं – जयशंकर
नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची चौथी बार बातचीत की। जयशंकर ने X पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईराने के विदेश मंत्री अराघची के कल रात बात हुई।
जयशंकर ने बताया कि द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स (BRICS) से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। भारत के विदेश मंत्री ईरान के अपने समकक्ष से पहले ही तीन बार समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चुके हैं।
ईरान ने आत्मरक्षा पर दिया जोर
वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि एक टेलीफोन बातचीत में, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके भारतीय समकक्ष सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। अराघची ने भारतीय मंत्री को अमेरिका और इजरायल शासन द्वारा ईरान के खिलाफ की गई आक्रामकता और अत्याचारों से उत्पन्न ताजा स्थिति के बारे में जानकारी दी, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा पर इसके परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने आक्रामकों के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार का प्रयोग करने के लिए ईरानी सरकार, राष्ट्र और सशस्त्र बलों के दृढ़ संकल्प पर जोर दिया।
ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की निंदा करना आवश्यक
ईरानी विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय निकायों और संगठनों के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की निंदा करना आवश्यक है। बहुपक्षीय सहयोग विकसित करने के एक मंच के रूप में BRICS के महत्व और स्थिति को रेखांकित करते हुए, अराghची ने इस संस्था के लिए वर्तमान समय में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा का समर्थन करने में एक रचनात्मक भूमिका निभाना आवश्यक माना।
इस बातचीत के दौरान, भारत के विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों के भीतर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए अपने देश की तत्परता व्यक्त की। उन्होंने इस क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और सुरक्षा को मज़बूत करने का मार्ग खोजने के महत्व पर भी ज़ोर दिया, जिसे एक सामूहिक आवश्यकता के रूप में देखा जाना चाहिए।
पहले ही 3 बार बातचीत हो चुकी है, समुद्री पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया था कि विदेश मंत्री जयशंकर की अपने ईरानी समकक्ष से पिछले कुछ दिनों में 3 बार बातचीत की है। आखिरी बातचीत में समुद्री जहाजों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वार्ता हुई था। प्रवक्ता का कहना था कि इसके अलावा अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
भारतीय नागरिकों की निकासी को लेकर भारत फिक्रमंद
रणधीर जायसवाल ने दोहराया कि भारतीय नागरिकों की निकासी को लेकर वो फिक्रमंद हैं और उन्हें हर तरह की सहूलियत पहुंचाने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद कर रही है। जो भारतीय अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते वापस भारत आना चाहते हैं, उन्हें वीजा दिलाने और जमीन के रास्ते सीमा पार कराने में भी सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया, “ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद थे या अभी भी हैं। इनमें छात्र, नाविक (सीफेरर्स), कारोबारी, पेशेवर लोग और कुछ तीर्थयात्री शामिल हैं।”(भाषा)
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