राष्ट्रपति निलयम में दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह आरंभ
हैदराबाद, बोलारम स्थित राष्ट्रपति निलयम में दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह आरंभ हुआ। 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और युवा शिक्षार्थियों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
जारी यहाँ प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के निदेशक बी.सी. डॉ. परिदा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए बालिकाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर बल दिया। विशिष्ठ अतिथि रक्षा अनुसंधान व विकास प्रयोगशाला के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जी. चंद्रमौली ने भारत की पहली स्वदेशी सुपरसोनिक मल्टी-टारगेट सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली आकाशीय सफलता की कहानी साझा करते हुए उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में राष्ट्र की बढ़ती आत्मनिर्भरता को उजागर किया।
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति निलयम की प्रबंधक डॉ. के. रजनी प्रिया के स्वागत भाषण से हुआ। पहले दिन विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के लगभग 2,000 विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक एवं शैक्षिक गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला में सक्रिय रूप से भाग लिया। अवसर पर युवा प्रतिभागियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक प्रयोगों, लाइव मॉडल प्रदर्शनों, विशेषज्ञ व्याख्यानों, विषयगत कार्यशालाओं तथा विचारोत्तेजक चर्चाओं के माध्यम से अंतक्रियात्मक व अनुभवात्मक अधिगम पर बल दिया गया।
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तेलंगाना के पद्म पुरस्कार विजेताओं पर ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति
समारोह में स्कूल व कॉलेज के छात्रों के लिए पोस्टर बनाने, वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शनियों, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। अवसर पर विज्ञान व अभियांत्रिकी के क्षेत्र में तेलंगाना के वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार विजेताओं को प्रदर्शित करने वाली ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति दिखाई गई। वैज्ञानिकों से मिलिए सत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) डॉ. पी. चंद्रशेखर ने छात्रों से बातचीत करते हुए अंतरिक्ष मिशनों में सेंसर कार्यप्रणाली से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया।
डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और डायग्नोस्टिक्स केंद्र की स्टाफ वैज्ञानिक डॉ. वर्षा ने आपराधिक न्याय प्रणाली में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के अनुप्रयोगों और महत्व को समझाया। ऑल इंडिया रेडियो के निदेशक (सेवानिवृत्त) डॉ. एन. वेणुगोपाल ने जनमानस में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के महत्व पर व्याख्यान दिया।
उक्त समारोह के तहत कई प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्थानों ने अपने मॉडलों को प्रदर्शित किया है। इनमें एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग रिसर्च एंड आउटरीच, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट, नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट तथा सर्वे ऑफ इंडिया सहित अन्य का नाम शामिल है।
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