एआई और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

हैदराबाद, बद्रुका कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड आर्ट्स में सतत विकास एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में व्यावसायिक रणनीतियों का पुनर्निर्धारण विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ। कार्यक्रम में शैक्षणिक प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मानव संसाधन प्रबंधन सत्र की अध्यक्षता उस्मानिया विश्वविद्यालय के प्रो. जे. रवि कुमार ने की। राजकीय डिग्री कॉलेज, इब्राहिमपट्टनम के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. एन. सुरेश ने एआई युग में स्वयं के पुनर्निर्धारण, सतत विकास, अनुकूलनशीलता, पारस्परिक कौशल और परिवर्तनकारी उपकरण के रूप में एआई के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। इस सत्र में कुल 37 शोधकर्ताओं ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सूचना प्रौद्योगिकी सत्र की अध्यक्षता यूसीसीबीएम, ओयू के प्रो. कामथम श्रीनिवास द्वारा की गई।

राजकीय डिग्री कॉलेज, कुकटपल्ली के प्रो. के. श्रीनिवास राव तथा राजकीय डिग्री कॉलेज, नंदयाल के सहायक प्रोफेसर डॉ. बुचैया मंगा ने डिजिटल रूपांतरण, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, लागत न्यूनीकरण, ई-कॉमर्स तथा मानव बुद्धि के साथ एआई के समन्वय जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। इस सत्र में 39 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनकी गुणवत्ता और स्पष्टता की अत्यंत सराहना हुई। संगोष्ठी के दौरान बीजेबी स्वायत्त कॉलेज, भुवनेश्वर के सहायक प्रोफेसर डॉ. ज्योति प्रकाश रथ ने ऑनलाइन सत्र के माध्यम से संगोष्ठी के मूल विषय पर विचार साझा किए।

संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ प्रो. डी. चेनप्पा ने आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए आधुनिक व्यावसायिक रणनीतियों में स्थिरता और एआई की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को भविष्य में नवाचार और विकास के लिए इन सीखों को अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया। अवसर पर कालेज के प्राचार्य डॉ. बी. मोहन कुमार, उप-प्राचार्य डॉ. पी. वेंकटैया, मितेश कडाकिया, संयोजक श्रीराम दैदा व अन्य उपस्थित थे। दो दिवसीय संगोष्ठी की विस्तृत रिपोर्ट सह-संयोजक तथा वाणिज्य विभाग की सहायक प्रो. एन. लक्ष्मी द्वारा प्रस्तुत की गई।

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