आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स बच्चों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। ये गेम्स जहां मनोरंजन और सीखने का जरिया बन सकते हैं, वहीं इनके कुछ छुपे हुए खतरे भी हैं जिनके बारे में माता-पिता का जागरूक होना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और थोड़ी सतर्कता से आप अपने बच्चे को ऑनलाइन दुनिया के नुकसान से बचा सकते हैं और गेमिंग को एक सुरक्षित और संतुलित आदत बना सकते हैं। आइए जानते हैं इन ऑनलाइन गेम्स से जुड़े खतरों और जरूरी सावधानियों के बारे में :
प्राइवेसी और डाटा से जुड़ा खतरा
कई ऑनलाइन गेम्स:
- इससे पहचान की चोरी या गलत इस्तेमाल का खतरा रहता है।
- कैमरा, माइक और कॉन्टैक्ट्स की अनुमति मांगते हैं।
- बच्चों की पर्सनल जानकारी (नाम, फोटो, लोकेशन) बिना समझे शेयर हो सकती है।
ऑनलाइन खतरे भी होते हैं
कई गेम्स में:
- अजनबी लोगों से चैट होती है।
- गलत भाषा या गलत व्यवहार देखने को मिलता है।
- कभी-कभी ठगी या धोखाधड़ी का खतरा भी रहता है।
इन-ऐप खरीदारी
बहुत से गेम्स फ्री होते हैं लेकिन:
- लेवल बढ़ाने के लिए पैसे मांगते हैं, बच्चे बिना बताए पैसे खर्च कर सकते हैं।
हिंसक कंटेंट का असर
कुछ गेम्स में:
- मार-धाड़, गन, खून-खराबा होता है, इससे बच्चों के व्यवहार में गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
स्क्रीन टाइम पर नजर जरूरी
ज्यादा देर तक गेम खेलने से:
- आँखों पर असर।
- नींद की कमी।
- फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है।
माता-पिता क्या कर सकते हैं?
- बच्चे से बात करें कि वह कौन सा गेम खेल रहा है।
- समय सीमा तय करें।
- फोन में पेरेंटल कंट्रोल लगाएं।
- गेम की रेटिंग जरूर देखें।
- बच्चे को बाहर खेलने और दूसरे शौक अपनाने के लिए प्रेरित करें।
