इस टी20 विश्व कप में कश्मीरी विलो के बल्ले की इतनी अधिक मांग क्यों है?
जम्मू-कश्मीर, टी20 विश्व कप के आयोजन के साथ ही जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी विलो क्रिकेट बैट की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच इस समय खेल को लेकर उत्साह चरम पर है, जिसका सीधा असर स्थानीय बैट उद्योग पर पड़ा है।
स्थानीय उद्योग को मिला प्रोत्साहन
जम्मू और कश्मीर के कई जिलों में कश्मीरी विलो से बने क्रिकेट बैट तैयार किए जाते हैं। विश्व कप के दौरान देश-विदेश से ऑर्डर बढ़ने से कारीगरों और व्यापारियों को अच्छा लाभ मिल रहा है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह में बिक्री में तेज उछाल आया है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई गई है।
क्यों खास है कश्मीरी विलो?
कश्मीरी विलो अपनी मजबूती और किफायती कीमत के लिए जाना जाता है। यह इंग्लिश विलो की तुलना में सस्ता होता है, लेकिन अभ्यास और स्थानीय मैचों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
रोजगार के अवसर बढ़े
बैट निर्माण से जुड़े कारीगरों, लकड़ी आपूर्तिकर्ताओं और पैकेजिंग इकाइयों को भी इस मांग का लाभ मिल रहा है। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान क्रिकेट से जुड़े उत्पादों की मांग बढ़ना स्वाभाविक है, और इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है। (भाषा)
यह भी पढ़े– दुर्गंध परोस रहा है नामपल्ली पब्लिक गार्डन जलाशय
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



