महिला आरक्षण के बहाने तमिलनाडु का हक घटा रहा केंद्र : स्टालिन
रामनाथपुरम, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दक्षिण भारत के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया और दावा किया कि सरकार ने प्रस्तावित महिला आरक्षण को बहाना बनाकर तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करने का प्रयास किया है।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सहित उन राज्यों को दंडित करने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया और देश के विकास में योगदान दिया। यहां के पास परमाकुडी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि देश की सभी लोकतांत्रिक ताकतें इस प्रस्ताव का विरोध करेंगी। उन्होंने सवाल किया, “क्या अन्नाद्रमुक (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम) प्रमुख पलानीस्वामी में इस अन्याय का विरोध करने और सवाल उठाने का साहस है?”
स्टालिन ने मछुआरों के कल्याण पर कहा कि समुद्री शैवाल की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा और श्रीलंका का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से कच्चातीवू को वापस लेने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि द्रविड़ मॉडल की अगली सरकार बनने के बाद महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के वास्ते आरक्षित बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं को इतिहास में दर्ज होने वाली पहल बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नया इतिहास भी रचते हैं।
स्टालिन ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत 1,800 दिनों में महिलाओं ने 935 करोड़ से अधिक यात्राएं की हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव ‘सुपरस्टार’ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का घोषणापत्र है और उन्होंने घरेलू उपकरण खरीदने के लिए 8,000 रुपये के कूपन पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपनी सुबह की सैर के दौरान परमाकुडी में लोगों से बातचीत की और उनसे वोट मांगा। (भाषा)
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