गोदावरी जल पर अधिकार नहीं छोड़ेंगे : रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने साफ किया कि गोदावरी नदी जल में तेलंगाना के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही स्पष्ट किया कि बाढ़ के पानी में अधिकार भी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने घोषणा की कि हम कालेश्वरम परियोजना को बेकार नहीं जाने देंगे। हमने कालेश्वरम पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। एजेंसियाँ ज़मीन के भीतर आए बदलावों का अध्ययन कर रही हैं। हम भविष्य में किसी भी तरह का नुकसान रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम कोई बीआरएस की संपत्ति नहीं है, क्योंकि इसे लोगों के पैसे से बनाया गया है। इस परियोजना को फिर से इस्तेमाल में लाया जाएगा।

सीएम ने संयुक्त वरंगल ज़िले का दौरा किया। इसके तहत उन्होंने मुलुगु ज़िले में स्थित देवादुला बैराज का निरीक्षण किया। इस म़ौके पर मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, सीतक्का, सीएम के सलाहकार नरेंदर रेड्डी आदि उनके साथ थे। तत्पश्चात उन्होंने अधिकारियों व इंजीनियरों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान रेवंत रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायुडू ने वर्ष 2001 में देवादुला का शिलान्यास किया था और इसका निर्माण काम अभी भी चल रहा है। हालांकि राज्य सरकार देवादुला परियोजना के लंबित कार्यों को पूरा करने के प्रति कटिबद्ध है, लेकिन निधियों की कमी एक बड़ी समस्या बन गयी है।

गोदावरी परियोजनाओं को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य

राज्य पर वर्तमान में 8.11 लाख करोड़ के कर्ज़ का बोझ है। इसके बावजूद हमारी सरकार अगले दो वर्षों में तुम्मिड़िहट्टी से लेकर भद्राचलम तक के सभी गोदावरी परियोजनाओं को पूरा करने का प्रयास कर रही है। यह केवल 6 हजार करोड़ की अनुमानित राशि से शुरू हुआ था, अब यह बढ़ कर 18,500 करोड़ तक पहुँच गया है। उन्होंने बताया कि देवादुला लंबित कार्यों के लिए शीघ्र ही निधियाँ मंज़ूर की जाएंगी।

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि गोदावरी जल का विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। उत्तरी तेलंगाना को सिंचाई जल देने के लिए सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। ऐसे समय में आरोप और झूठे प्रचार का कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर पिछली सरकार ने अपने 10 साल के राज में प्राणहिता, श्रीराम सागर, देवादुला आदि परियोजनाओं को पूरा किया होता और गोदावरी नदी में अपने 967 टीएमसी पानी का इस्तेमाल किया होता, तो आज हम बाढ़ के पानी की मांग कर सकते थे। इतना ही नहीं गोदावरी का पानी कृष्णा बेसिन में ले जाने की संभावना भी थी।

हालाँकि पिछली सरकार ने कालेश्वरम को छोड़कर गोदावरी नदी पर अन्य परियोजनाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि कृष्णा नदी जल पर विपक्षी बीआरएस नेताओं के अफवाह फैलाने पर विधानसभा में चर्चा कर हमने जवाब दिया था। इसके बावजूद बीआरएस नेताओं में कोई बदलाव नहीं आया। अब हम गोदावरी जल पर भी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

2034 तक सत्ता में रहेंगे

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वर्ष 2034 तक कांग्रेस ही सत्ता में रहेगी। चिंता न करते हुए केसीआर को अपनी सेहत बनाए रखनी चाहिए। केसीआर को वॉकिंग और योग करना चाहिए। अच्छी किताबें पढ़नी चाहिए। चिन्ना जीयर स्वामी का प्रवचन सुनना चाहिए। उन्हें लोगों पर ज़हर उगलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीआरएस नेताओं का आरोप है कि सरकार पड़ोसी राज्य को पानी लेने में मदद कर कर रही है। लेकिन क्या तेलंगाना से चुनाव लड़कर चुने गए नेता में से कोई भी एपी की मदद करेगा? उन्होंने कहा कि ऐसे घटिया आरोपों का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अच्छी सलाह स्वीकारने में हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम केवल चुनाव के समय ही राजनीति करते हैं।

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विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के बाद दो उपचुनावों, सरपंच व म्युनिसिपल चुनावों में भी जनता ने स्पष्ट फैसला दिया है, लेकिन बीआरएस नेताओं में कोई बदलाव नहीं आया। आज भी वे ऐसी बात कर रहे हैं, जैसे लोगों से कोई गलती हो गई हो। सीएम ने कहा कि समस्या कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसका हल बातचीत से ही निकल सकता है। अगर बातचीत से हल नहीं हो सकता, तो कोर्ट है। पड़ोसी राज्यों से बातचीत करने में हमारी सरकार को कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि हर खेत तक सिंचाई का पानी और हर नागरिक को पीने का पानी पहुँचाना हमारा लक्ष्य है।

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