1.15 करोड़ परिवारों को इंदिरा जीवन बीमा का लाभ : रेवंत
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया कि सरकार ने आज तक आरोग्यश्री योजना के तहत सरकारी व निजी अस्पतालों को 2,408 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है। इसमें सरकारी अस्पतालों का 927 करोड़ और निजी अस्पतालों का 1,480 करोड़ शामिल है। वर्तमान में केवल 727 करोड़ के बिल लंबित है। उन्होंने आज विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा राजीव आरोग्यश्री बिलों का भुगतान को लेकर पूछे गये सवालों को उत्तर देते हुए कहा कि सरकार आरोग्यश्री योजना के तहत आने वाले रोगियों को इलाज हेतु टीचिंग अस्पतालों में भेजने की एक योजना तैयार कर रही है।
राज्य में पहले से ही 35 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, लेकिन रोगी इन अस्पतालों में इलाज के लिए नहीं जा रहे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी अस्पतालों को आरोग्यश्री बिलों की लंबित राशि बहुत कम है। पिछली सरकार द्वारा 627 करोड़ बकाया राशि का भुगतान न किए जाने के कारण हमारी सरकार पर बोझ बढ़ गया है। फिलहाल आरोग्यश्री के लिए हर महीने औसतन 89 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोग्यश्री बिलों के भुगतानों के संबंध में फैलाई जा रही गलतफहमियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि आरोग्यश्री के बिलों का भुगतान समय-समय पर किया जा रहा है।
आरोग्यश्री और सीएमआरएफ से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
आरोग्यश्री के तहत चिकित्सा उपचार लेने वाले लोगों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने आगे कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने और गरीबों को तुरंत आधुनिक चिकित्सा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सुधार लागू करने जा रही है। इन सुधारों में टीचिंग मेडिकल अस्पतालों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष ( सीएमआरएफ) निधियां मंजूर करना, टिम्स अस्पतालों को विशेष अस्पतालों के तौर पर विकसित करना और सरकारी व निजी अस्पतालों को आरोग्यश्री योजना के तहत लंबित बकाया राशि का तुरंत भुगतान करना आदि शामिल है।
रेड्डी ने कहा कि आरोग्यश्री निधियों के अलावा सरकार सीएमआरएफ से भी टीचिंग अस्पतालों को निधियाँ देगी। इस पहल से अस्पतालों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि टीचिंग अस्पतालों के प्रभावी प्रबंधन के लिए ग्रुप-1 स्तर के एक अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक सीएमआरएफ के तहत जनता में 2,046 करोड़ की राशि वितरित की है। इस मौके पर रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार के कार्यकाल में सीएमआरएफ के चेक जारी करने में कई अनियमितताएं सामने आई।
कुछ लोगों ने सीएमआरएफ का दुरुपयोग किया, जिसके चलते उनके खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए। सरकार ने इन अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में जरूरतमंद लोगों तक सीएमआरएफ का लाभ पहुंचाने के लिए एक ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की गई है।
3 हजार करोड़ की लागत से 30 एकड़ पर नया उस्मानिया अस्पताल
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गरीबों की चिकित्सा देखभाल के लिए कुल 4,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हैदराबाद में जनता की सुविधा के लिए सरकारी अस्पतालों में 10 हजार अतिरिक्त बिस्तरों की क्षमता विकसित की जाएगी। वरंगल, अलवाल, एलबी नगर और सनतनगर में स्थित टिम्स अस्पतालों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है और इनको विशेष चिकित्सा देखभाल केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन अस्पतालों को आरोग्यश्री और सीएमआरएफ के माध्यम से भी निधियां उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गोशामहल में 30 एकड़ भूमि पर 3 हजार करोड़ की लागत से नया उस्मानिया अस्पताल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर परिवार को सुरक्षा और आर्थिक भरोसा देने के उद्देश्य से जाति जनगणना के तहत एकत्रित डेटा के आधार पर 1.15 करोड़ परिवारों के लिए इंदिरम्मा जीवन बीमा योजना लागू करने जा रहे है।
एनआरआई डॉक्टरों की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को बेहतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाने में पर्याप्त चिकित्सा पेशेवरों की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने राज्य के हज़ारों डॉक्टरों के अलग-अलग देशों में काम करने का उल्लेख करते हुए कहा कि साल में एक दो बार राज्य के दौरे पर आने वाले एनआरआई डॉक्टरों की सेवाओं का उपयोग करने का प्रयास कर ही है।
इसके लिए एक समर्पित वेबसाइट बनायी जा रही है। इस वेबसाइट के जरिए एक ऐसी सुविधा विकसित की जाएगी जिससे एनआरआई डॉक्टर अपने पैतृक गांव की यात्रा के दौरान स्थानीय अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं दे सकें। यह वेबसाइट चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में बनाई जा रही है।
अब तक 9.45 लाख लोगों को आरोग्यश्री से लाभ मिला : दामोदर
स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राज नरसिम्हा ने कहा कि सरकार सत्ता में आने के बाद से लेकर अब तक 9.45 लाख लोगों को आरोग्यश्री योजना के जरिए मुफ्त इलाज दी जा चुकी है। अतीत में हर साल औसतन ढाई लाख लाख लोगों को आरोग्यश्री सेवा मिलती थी, अब हर साल 4 लाख लोग आरोग्यश्री से लाभ प्राप्त कर रहे है।
रेड्डी ने विपक्षी सदस्यों के उन आरोपों को गलत करार दिया कि निजी अस्पताल आरोग्यश्री सेवा देने से मना कर रहे है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल आरोग्यश्री योजना में शामिल होने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जब वे सत्ता में आए थे तब केवल 330 निजी अस्पताल आरोग्यश्री में शामिल थे, लेकिन अब यह संख्या 537 हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल के चलते आज मुलुगु और नारायणपेट जैसे दूर-दराज जिलों में भी आरोग्यश्री सेवाएं उपलब्ध हो रही है।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय की एआई संगोष्ठी में भाग लेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कल, शुक्रवार को हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एचकेएसएक्सेड द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संगोष्ठी में वर्चुअल रूप से भाग लेंगे। हार्वर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित यह पहली एआई संगोष्ठी सरकार, उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, ताकि तेजी से विकसित हो रहे वैश्विक एआई परिदृश्य पर चर्चा की जा सके।
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रेवंत रेड्डी, जो इस संस्थान के एक्जीक्यूटिव एजुकेशन के पूर्व छात्र हैं। उन्हें बीज वक्तव्य देने के लिए आमंत्रित किया गया है। बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री बोस्टन की यात्रा नहीं करेंगे और विशेष व्यवस्था के तहत वर्चुअल माध्यम से अपना संबोधन देंगे।
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