राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया 11,19,079 मामलों का निपटारा

हैदराबाद, तेलंगाना में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वादी और प्रतिवादियों के प्रोत्साहन के चलते एक ही दिन में 11,19,079 मामलों को निपटाने में सफलता प्राप्त हुई। इन मामलों में 85,231 पूर्व लम्बित मामले, 10,31,317 आपराधिक मामले और 2,531 सिविल मामले शामिल है। निपटाए गए मामलों के संबंध में लाभार्थियों को 397 करोड़ रुपये जारी करने के लिए आदेश दिए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत राज्य भर में 373 लोक अदालत खण्डपीठ की व्यवस्था की गई। उच्च न्यायालय में दो, ऋण रिकवरी ट्रिब्यूनल में दो समेत कुल 341 खण्डपीठ को उपलब्ध करवाया गया।

राज्य भर में राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन किया गया

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व टीएसएलएसए के प्रभारी प्रमुख जस्टिस अपरेश कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस पी. श्याम कोशी के दिशा-निर्देश में राज्य भर में राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन किया गया। महबूबनगर ज़िले में जस्टिस श्याम कोशी ने लोक अदालत का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि न्याय व्यवस्था में लम्बे समय से मामलों के लम्बित रहने के कारण लम्बित मामलों को निपटाने हेतु वर्ष 1987 से लोक अदालत को अमल में लाया जा रहा है। मुख्य रूप से पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना संबंधी क्लेम के विवाद, चेक बाउंस के मामलों को निपटाने में अधिक सफलता प्राप्त हो रही है।

प्रारंभ में वर्ष में एक बार लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा था, लेकिन लम्बित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे प्रति वर्ष चार बार अमल में लाया जा रहा है। प्रत्येक लोक अदालत में मामलों को निपटाने की संख्या बढ़ती जा रही है। इस कारण लोक अदालत के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ता जा रहा है और इसे अपार जन प्रोत्साहन भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के अलावा मध्यस्थता के जरिए और अन्य वैकल्पिक प्रावधानों के जरिए भी मामलों को निपटाने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। इससे वादी और प्रतिवादियों के विवाद को समर्थता के साथ निपटाने के लिए मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं। न्याय व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि यह समाज के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।

मुआवजा संबंधी बैंक चेक लाभार्थियों में वितरित किए गए

इस अवसर पर न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने वादी और प्रतिवादियों को अपने आपसी मतभेद को दरकिनार कर शांतिपूर्ण तरीके से मामले को निपटाने का सुझाव दिया। टीएसएलएसए की सदस्य सचिव सी.एच. पंचाक्षरी ने इस अवसर पर न्याय सेवा अधिकार संस्था के क्रियाकलाप और लोक अदालत से होने वाले फायदों की जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में महबूबनगर ज़िला अदालत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एन. प्रेमलता ने लाभार्थियों में बैंक चेक का वितरण किया। इसके अलावा उच्च न्यायालय में जस्टिस वाटिकी रामकृष्णा रेड्डी, जस्टिस प्रवीण कुमार ने लोक अदालत में 129 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों के संबंध में लाभार्थियों को 11 करोड़ रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए। इन दो खण्डपीठ के जरिए 241 मामलों को निपटाने की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 185 मामलों का निपटारा कर 10,57,63,800 रुपये के मुआवजा संबंधी बैंक चेक लाभार्थियों में वितरित किए गए।

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