चिकित्सा तथा स्वास्थ्य हेतु 13,679 करोड़ का आवंटन
हैदराबाद, उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने तेलंगाना विधानसभा में 2026-27 हेतु वार्षिक बजट पेश करते हुए चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए 13,679 करोड़ रुपए की धनराशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा। चिकित्सा तथा स्वास्थ्य के लिए बजट पेश करते हुए मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि मानव कल्याण के एक भाग के रूप में राज्य के सभी लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस कड़ी में राज्य के सभी जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से हमारी सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत कर रही है। तेलंगाना राइजिंग विजन 2027 के लक्ष्यों के अनुरूप, राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, युवा स्वास्थ्य, दीर्घकालिक रोगों के नियंत्रण के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को भी विशेष प्राथमिकता दे रही है। सरकारी अस्पतालों को सुदृढ़ करने के लिए जिला मुख्यालयों में डे केयर कैंसर सेंटर, गैर-संक्रामक रोग क्लिनिक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष क्लिनिक, प्रशामक देखभाल केंद्र तथा ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए मैत्री क्लिनिक स्थापित किए गए हैं।
विक्रमार्का ने कहा कि तेलंगाना वैद्य विधान परिषद, जो अब तक 12,720 बिस्तरों की क्षमता वाली अनुदान प्राप्त संस्था के रूप में कार्य कर रही थी, को पूर्ण विकसित सरकारी द्वितीयक स्वास्थ्य सेवा विभाग में परिवर्तित किया जा रहा है। हम देश में अपनी तरह की पहली पहल के तहत आधुनिक तकनीक के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए हम एक विशिष्ट पहचान संख्या के साथ सभी को एक डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल कार्ड जारी करने की प्रणाली शुरू करने वाले हैं।
सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान
मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि हमारी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। दिसंबर 2023 तक सरकारी अस्पतालों में 30,377 बिस्तर उपलब्ध थे। नव स्थापित 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से 1,980 तृतीयक देखभाल बिस्तर और उपलब्ध कराए गए। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद वर्ष 2024 में 4,540 नए बिस्तरों की सुविधा बढ़ी।
इसी क्रम में वर्ष 2026 अंत तक सनतनगर, एलबी नगर तथा अलवाल स्थित टिम्स अस्पतालों के साथ-साथ निम्स तथा वरंगल मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार से 6,582 तृतीयक देखभाल बिस्तर और जुड़ जाएंगे। इनके अलावा द्वितीयक देखभाल अस्पतालों में 12,720 बिस्तरों की सुविधाएँ हैं। इस प्रकार राज्य के सरकारी अस्पतालों में तृतीयक देखभाल बिस्तरों की कुल संख्या 44,029 तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमने देश के औसत से कहीं अधिक बिस्तर उपलब्ध करवाए हैं।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 17 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए 9 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज, 16 नर्सिंग कॉलेज तथा 28 पैरामेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। हमारा उद्देश्य उपचार-आधारित प्रणाली से चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाना है। इसके लिए इस बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 13,679 करोड रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।
कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध – भट्टी विक्रमार्का
मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हमारी जन सरकार अभय हस्तम के नाम से कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। इसके तहत महालक्ष्मी, गृह ज्योति, इंदिराम्मा हाउस तथा महिला शक्ति मिशन जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के विकास के लिए व्यावसायिक अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
बजट पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के तुरंत बाद हमने जो पहला वादा पूरा किया, वह नि:शुल्क बस यात्रा थी।
इस महालक्ष्मी योजना के तहत राज्य में लगभग 34 लाख, 37 हजार महिलाएं तथा लड़कियां प्रतिदिन यात्रा कर रही हैं। अब तक राज्य की महिलाओं ने इस योजना के तहत 269 करोड़ 68 लाख निशुल्क यात्राओं का लाभ उठाया है, जिससे लगभग 9,222 करोड़ रुपये की बचत हुई। महालक्ष्मी आरटीसी योजना के लिए 4,305 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। इसी क्रम में खाना पकाने के गैस सिलेंडरों के बोझ से महिलाओं को राहत देने के लिए सरकार ने मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की योजना शुरू की है।
इस योजना से राज्य के 42 लाख, 90 हजार परिवारों को लाभ मिला है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं ने लगभग 752 करोड़ रुपये की बचत की है। इस योजना हेतु 723 करोड़ रुपए बजट के आवंटन का प्रस्ताव है। गृह ज्योति योजना के तहत सरकार लगभग 53 लाख, 9 हजार गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। अब तक इस योजना के तहत 10 करोड 97 लाख शून्य-बिल जारी किए जा चुके हैं।
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आईकेपी समूहों के माध्यम से 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने का संकल्प
इस सब्सिडी के तहत सरकार ने बिजली कंपनियों को 3,900 करोड तथा 54 लाख रुपये का भुगतान किया है। गृह ज्योति योजना के लिए 2,080 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। चेयुता योजना के तहत पात्र लोगों को 2 लाख नई पेंशन स्वीकृत की जा रही है। इस स्कीम के लिए बजट में 14,861 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के आईकेपी समूहों में एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाया जाए।
इसके लिए वीएलआर योजना के तहत दिसंबर 2023 से अब तक 57,938 करोड़ रुपये के ऋण दिए जा चुके हैं। शहरी और ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों को 1,329 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी जारी की गई है। राज्य में आईकेपी 67 लाख महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूहों के एक मजबूत नेटवर्क के रूप में उभरा है। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के लिए व्यावसायिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
इसके तहत महिला समूहों के माध्यम से शिल्परामम में 106 स्टालों के साथ इंदिरा महिला शक्ति बाजार की स्थापना की गई है। इस सामूहिक उत्पाद का मूल्य लगभग 7 करोड़ 68 लाख रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 600 बसें खरीदने और उन्हें टीजीएसआरटीसी को पट्टे पर देने का निर्णय लिया है। पहले चरण में हमने 177 करोड़ 84 लाख की लागत से 494 बसें खरीदी हैं। नारायणपेट और संगारेड्डी में 2 पेट्रोल पंप स्थापित किए हैं। इसके अलावा 28 पेट्रोल पंप स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। महिला सशक्तिकरण को और मजबूत करने के लिए मौजूदा 10 जिलों के अलावा 22 और जिलों में इंदिरा महिला शक्ति भवन स्थापित किए जा रहे हैं।
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