जीएचएमसी मेले में 22 देसी पिल्लों को मिले अपने घर
हैदराबाद, जीएचएमसी द्वारा कासु ब्रह्मानंद रेड्डी पार्क में आयोजित विशेष दत्तक मेले में आज 22 परिवारों ने बेघर कुत्तों के बच्चों को मेहमान बनाया। ‘हीरो बनो। दत्तक लो, खरीदो नहीं’ के बैनर तले जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन और खैरताबाद क्षेत्रीय आयुक्त अनुराग जयंती ने आपसी भाईचारे और देखभाल की भावना को प्रोत्साहित करते हुए देसी कुत्तों के पिल्ले गोद लेने के मेले का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में नागरिकों से देसी पिल्लों का स्वागत पालतू जानवरों की तरह नहीं, बल्कि परिवार के लाड़ले सदस्य की तरह करने का आग्रह किया गया। कृमिनाशक, टीके लगाए गए लगभग 35 देसी पिल्लों को जनता के सामने पेश किया गया। इनमें से 22 को लोगों ने आधिकारिक रूप से दत्तक लेने की घोषणा की।
पप्पी को दत्तक लेने जोन स्तर पर अभियान
जीएमसी आयुक्त कर्णन ने व्यक्तिगत रूप से पहला पिल्ला शेखपेट के चिकाकुंटा राजू को सौंपा। कमिश्नर ने कहा कि इन आत्माओं को अपने रिश्तेदारों की तरह अपनाएँ, जो गर्मजोशी, देखभाल और आजीवन साथ के पात्र हैं। पशु प्रेमियों और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि भारतीय देशी कुत्ते लचीले, बुद्धिमान, कम रखरखाव वाले और बेहद वफादार होते हैं। वे न केवल हमारी जलवायु और संस्कृति के अनुकूल हैं, बल्कि हमारी अपनी स्थायी भावना का प्रतिबिंब हैं।
कर्णन ने बताया कि देसी पिल्लों को दत्तक लेने की भावना को बढ़ावा देने के लिए जीएचएमसी के सभी जोन स्तर पर अभियान चलाते हुए कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। मेले में जुबली हिल्स के उपायुक्त सम्मैय्या, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल वकील, उप निदेशक डॉ. के. चक्रपाणि रेड्डी, सहायक निदेशक डॉ. एम. विवेकानंद, जनसंपर्क अधिकारी दशरथम और पशु चिकित्सा अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
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