30 लाख श्रद्धालुओं ने किया सरस्वती पुष्कर स्नान : श्रीधर बाबू
हैदराबाद, आईटी एवं उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि सरस्वती पुष्करालु के आयोजन को चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे सफलता पूर्वक संपन्न किया गया। उन्होंने इस आयोजन को भव्य रूप से सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने आज शाम सरस्वती घाट पर आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम धर्मस्व प्रधान सचिव शैलजा रामअय्यर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
इस मौके पर श्रीधर बाबू ने कहा कि 12 दिनों तक चले सरस्वती पुष्करालु में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन के लिए 40 करोड़ की लागत से व्यापक व्यवस्था की गईं। मंत्री ने बताया कि पहली बार गोदावरी, प्राणहिता, अंतर वाहिनी सरस्वती नदियों के संगम पर पुष्करों का आयोजन हुआ।
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मंत्री ने की विभिन्न विभागों के संपर्क और समन्वय की सराहना
पुष्करों को लेकर 17 फीट ऊँची मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि लगभग 30 लाख श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया, जो इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने उन स्वैच्छिक संगठनों की भी सराहना की जिन्होंने श्रद्धालुओं को मुफ्त पेयजल और अन्नदान की सेवाएं प्रदान कीं। मंत्री ने यह भी कहा कि आगामी गोदावरी पुष्करों को और भव्य रूप से मनाएंगे। उन्होंने बताया कि काशी के पंडितों ने प्रतिदिन सरस्वती नवरत्न माला अनुष्ठान किया और मीडिया एवं टीवी चैनलों के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं तक यह आयोजन पहुँचा।
मंत्री ने विभिन्न विभागों के संपर्क और समन्वय की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु 12 दिनों में शामिल नहीं हो सके, वे आगामी एक वर्ष तक कभी भी पुण्य स्नान कर सकते हैं। इस दौरान राज्य सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने धर्मस्व प्रधान सचिव शैलजा रामअय्यर की सक्रिय पहल और योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समयबद्ध निर्देशों के चलते यह आयोजन सफल हुआ।
मंत्री ने आगे कहा कि आने वाले गोदावरी पुष्करों के लिए स्थायी सुविधाएं विकसित की जाएगी। उन्होंने सरस्वती पुष्करों के समापन समारोह के दौरान हुई हल्की वर्षा को देवी का आशीर्वाद बताया। शैलजा रामअय्यर ने कहा कि सरस्वती पुष्कर एक वर्ष तक प्रतीकात्मक रूप से जारी रहेगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों ने सरस्वती नवरत्न माला आरती में भाग लिया।
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