55 सैन्य इंजीनियर सेवा अधिकारियों ने पूरा किया प्रशिक्षण कार्यक्रम

हैदराबाद, कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई), पुणे द्वारा प्रायोजित एक फाउंडेशन कोर्स में 55 सैन्य इंजीनियर सेवा अधिकारियों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया। 14 सप्ताह का यह कार्यक्रम में हैदराबाद के डॉ. एमसीआर एचआरडी संस्थान में आयोजित किया गया।

फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में डॉ. एमसीआर एचआरडी संस्थान के महानिदेशक व विशेष मुख्य सचिव डॉ. शशांक गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सैन्य इंजीनियरिंग अधिकारियों की भूमिका बहुआयामी और प्रकृति में दूरगामी होती है।

डॉ. शशांक गोयल ने अधिकारियों को किया संबोधित

उभरते परिदृश्य में इन अधिकारियों की भूमिका पारंपरिक कार्यों से परे विस्तारित हुई है। उनसे परिवर्तन के एजेंट बनने, नवाचारों का संचालन और राष्ट्र की रक्षा तैयारियों को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने के लिए प्रबंधकीय कौशल अपनाने की उम्मीद की जाती है।

डॉ. शशांक गोयल ने कहा कि अभियांत्रिकी से जुड़े अधिकारी भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय आयुध कारखानों, डीआरडीओ और भारतीय तटरक्षक बल सहित भारतीय सशस्त्र बलों के लिए जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, पुलों, सड़कों और इमारतों के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होते हैं।

उनके लिए आवश्यक है कि वे हमेशा अपने पेशेवर आचरण में ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के मूल्यों को बनाए रखें।

उन्होंने बताया कि यह फाउंडेशन कोर्स केवल कक्षा सत्रों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें गांवों / स्थानीय निकायों की यात्रा, नीलगिरी की यात्रा, स्पोर्ट्स मीट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई अन्य सह-पाठयक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों का एक अनूठा संलयन शामिल था।

प्रशिक्षण में अध्ययन के साथ सह-पाठयक्रम गतिविधियाँ भी शामिल

इससे अधिकारियों को उनके वास्तविक और संपूर्ण संदर्भ में विभिन्न चुनौतियों को समझने का अवसर मिला। मुख्य अभियंता थोटा श्रीनिवास देव ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि एमईएस अधिकारियों के काम का समकालीन परिदृश्य बदल रहा है।

जमीन पर चुनौतियों का सामना करने, अपनी भूमिका के उद्देश्यों को प्राप्त करने और समाधान प्रदाता के रूप में उभरने के लिए, उन्हें अपने कौशल को अद्यतन रखने का लगातार प्रयास करना होगा। सीएमई पुणे के पाठ्यक्रम निदेशक पंकज यादव ने कहा कि प्रौद्योगिकियां, प्रक्रियाएं और प्रणालियां तेज गति से बदल रही हैं।

इसलिए अधिकारियों को प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अपने सहयोगियों को समझाना होगा, ताकि वे तदनुसार परियोजनाओं की योजना बना सकें और उन्हें निष्पादित कर सकें।

इस अवसर पर अभियंता दीपा को उनके प्रदर्शन के लिए शील्ड प्रदान की गयी। अधिकारियों को पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किए गये और विभिन्न खेलों और अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्राफियां और पदक प्रदान किए।

समारोह में पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. उषा रानी और अकादमिक समन्वयक प्रो. अब्बास अली भी उपस्थित थे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button