नादरगुल में 7 हजार करोड़ का लैंड स्कैम : हरीश राव
हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) विधायक दल के उप नेता टी. हरीश राव ने नगर के नादरगुल में करीब 7 हजार करोड़ रुपये का भूमि घोटाला (लैंड स्कैम) किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार दलितों की भूमियों को हथिया रही है।
हरीश राव ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से दलितों व कमजोर तबकों की भूमियों पर सत्ता पक्ष कांग्रेस गिद्धों की भांति टूट पड़ रही है। एक ओर उद्योगपतियों के रूप में, तो दूसरी ओर कब्जेदारों के तौर पर लैंड स्कैम्स को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नादरगुल में सर्वे नंबर 613 (नया सर्वे नंबर 119) स्थित 373 एकड़ भूमि में 7 हजार करोड़ रुपये का बड़ा स्कैम हुआ है और आरोप लगाया कि इस स्कैम में रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं।
इसमें सरकार के मंत्रियों का हाथ है। उन्होंने बताया कि 373 एकड़ में से 17 एकड़ भूमि लच्चम्मा कुंटा फुल टैंक लेवल (एफटीएल) तथा 6 एकड़ बफर जोन में आती है। उन्होंने कहा कि तालाब को जाने वाले फीडर चैनल भी कंपनियों द्वारा नष्ट कर दिए गए हैं।
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2008 में वाईएसआर ने नादरगुल भूमि को एपीआईआईसी को सौंपा
हरीश राव ने कहा कि इस भूमि को सरकारी भूमि घोषित करने की मांग को लेकर संयुक्त आंध्र प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायुडू ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी को पत्र लिखा था तब विधानसभा में वाईएसआर ने वर्ष 2008 के दौरान विधानसभा में भूमि को सरकारी भूमि करार देते हुए इसे एपीआईआईसी को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि पूर्व केसीआर शासन के दौरान 10 वर्षों तक इस भूमि की रक्षा की गई, लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आने के केवल 10 दिनों में ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की नजर इस भूमि पर पड़ गई।
हरीश राव ने कहा कि इस भूमि पर वर्षों से करीब 600 किसान खेती कर रहे हैं। अब इस भूमि पर प्रवेश से किसानों को बाउंसरों व राउड़ियों के जरिए रोका जा रहा है। पुलिस द्वारा भी किसानों पर अवैध केस दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस भूमि को सरकारी भूमि करार दिया।
हरीश राव ने और भी कई तथ्य रखते हुए हैदराबाद डिज़ास्टर रेस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हैद्रा) आयुक्त रंगनाथ को सोमवार तक का समय दिया। उन्होंने कहा कि यदि कल तक कदम नहीं उठाए गए तो बीआरएस विधायक खुद भूमि पर जाकर संरक्षण करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मांग करते हुए कहा कि यदि कटिबद्धता हो तो तुरंत ही हैद्रा अधिकारियों को भेजकर भूमि पर अवैध रूप से निर्मित प्रहरी दीवार को तोड़ दिया जाए और कब्जा करने वालों को अरेस्ट करके उनके नाम सार्वजनिक किए जाएँ। इसके अलावा यह भूमि उन किसानों को वापस दी जाए, जो वर्षों से वहां खेती कर रहे हें।
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