महाराष्ट्र : यवतमाल जिले में जनवरी में 21 किसानों ने आत्महत्या की

नागपुर, पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में जनवरी में 21 किसानों ने आत्महत्या की। एक कार्यकर्ता ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए सरकार पर कृषि संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया। राज्य सरकार के वसंतराव नायक शेती स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के पूर्व अध्यक्ष किशोर तिवारी ने पिछले महीने जिले में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले किसानों की एक आधिकारिक सूची साझा की।

तिवारी ने कहा कि कपास और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों वाले पश्चिमी विदर्भ में 1998 से किसानों की आत्महत्याओं की खबरें आ रही हैं तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारों के सभी राहत पैकेज – सिंचाई, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता, न्यूनतम समर्थन मूल्य, स्थानीय भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं तथा सरकारी खरीद जैसे मूल मुद्दों के निस्तारण करने में विफल रहे हैं।

तिवारी ने कहा कि बार-बार ऋण माफी के बजाय एक दीर्घकालिक ऋण नीति बननी चाहिए और किसानों को नकदी फसलों की जगह मोटे अनाज (मिलेट्स) तथा दालों की खेती के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। यवतमाल के कलेक्टर विकास मीणा ने जिले में 2026 के पहले महीने में 21 किसानों के आत्महत्या किए जाने की पुष्टि की।

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तिवारी ने कहा कि किसानों की आत्महत्याओं को रोकने और संकटग्रस्त किसान परिवारों का पुनर्वास करने के मकसद से राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन उभारी अभियान के तहत महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। मीणा ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के डिमांड ड्राफ्ट और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र वितरित किए। (भाषा)

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