श्रीशैलम में उगादी को लेकर तैयारियाँ तेज, कलेक्टर ने विभागों के साथ की चर्चा
नंदयाला, श्रीशैलम में आगामी 16 से 20 मार्च तक आयोजित होने वाले उगादी त्यौहार को धूमधाम और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने जिला कलेक्टर जी. राजकुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया।
राजकुमारी ने विभिन्न विभागों के साथ शनिवार को कलेक्ट्रेट में हुई कोऑर्डिनेशन मीटिंग में त्यौहार के इंतज़ामों पर विस्तार से चर्चा की। इसमें जिला एसपी सुनील शोरन, जॉइंट कलेक्टर कोलाबाथुला कार्तिक और अन्य लोग शामिल हुए। इस मौके पर बोलते हुए कलेक्टर ने कहा कि उगादी के मौके पर तेलुगु राज्यों के साथ-साथ कर्नाटक से भी बड़ी संख्या में भक्त श्रीशैलम मंदिर आएंगे। पिछले साल, लगभग 7 लाख भक्तों ने स्वामी और अम्मावारी के दर्शन किए थे। पहले से इंतज़ाम किए गए हैं क्योंकि इस साल भी उतनी ही भीड़ होने की संभावना है। यह बताया गया कि 2 मार्च से भक्तों को पैदल जाने की इजाज़त होगी।
कलेक्टर ने कहा कि तेलुगु और कन्नड़ भक्तों के लिए मे आई हेल्प यू डेस्क बढ़ाए जाने चाहिए, खासकर उन एरिया में जहां कन्नड़ भक्त बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने सलाह दी कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम के ज़रिए कन्नड़ में भी विज्ञापन किए जाएँ, यह पक्का करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि यह पक्का करने के लिए निगरानी की जानी चाहिए कि ज़रूरी चीज़ें ज़्यादा कीमतों पर न बेची जाएं और सुरक्षा स्टैंडर्ड का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि हर दिन 8,000 से 10,000 लोगों को स्लॉट के आधार पर दर्शन कराए जाएंगे। हर स्लॉट दो घंटे का होगा।
पार्किंग, बिजली सुरक्षा और बोट सर्विस पर विशेष निगरानी
कुल आठ घंटे का स्लॉट दर्शन होगा। बाकी समय में फ्री दर्शन जारी रहेगा। सुझाव है कि स्पर्श दर्शन शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले फ्री दर्शन की लाइनों को हटाने के लिए तालमेल बिठाया जाए। जिले के एसपी सुनील शोरन ने कहा कि भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए दर्शन के समय की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर साफ-साफ दिखाई जानी चाहिए।
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सुनील शोरन ने कहा कि पार्किंग मैनेजमेंट, बिजली की सुरक्षा, टोल में छूट (16-19 मार्च तक) और पाताल गंगा बोट सर्विस में सुरक्षा स्टैंडर्ड पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भक्तों की भीड़ को देखते हुए 6 तारीख से वॉलंटियर नियुक्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और अनंतपुर इलाकों से वॉलंटियर बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुरनूल जिले से कन्नड़ भाषा जानने वाले पुलिसवालों को लाने के लिए पहले ही एक लेटर लिखा जा चुका है।
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