सूटकेस देने वाला नेता राहुल गांधी को ताकतवर दिखाई देता है : प्रभाकर
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक एन.वी.एस.एस. प्रभाकर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विकाराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की तारीफ किए जाने पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि ब्रीफकेस व सूटकेस देने वाला नेता उनको शक्तिशाली ही दिखाई देने लगता है।
भाजपा मुख्यालय श्यामाप्रसाद मुखर्जी भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रभाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री का राहुल गांधी को देश का भावी प्रधानमंत्री बताना वहीं राहुल द्वारा रेवंत को ताकतवर बताना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि अपना पद बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने अब तक दिल्ली के 60 से अधिक बार चक्कर काटे हैं। उन्होंने रेवंत रेड्डी सरकार को दिशाहीन सरकार बताया और कहा कि इस सरकार के पास किसी प्रकार की दूरदृष्टि नहीं है, न ही मुख्यमंत्री की प्रशासन पर कोई पकड़ है।
प्रभाकर ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) का विस्तार करके तीन कॉर्पोरेशनों का गठन किए जाने तथा वार्डों की संख्या 300 किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि 1 जीएचएमसी को दिखाकर मुख्यमंत्री ने आरक्षण पर चोट कर दी है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि बिना किसी लक्ष्य व योजना के जीएचएमसी के तीन टुकड़े करने वाली सरकार ने तीन पत्तों के खेल की भाँति जीएचएमसी के टुकड़े कर डाले हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई स्पष्टता नहीं है।
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प्रभाकर ने बजट सत्र 16 मार्च से शुरू होने का किया उल्लेख
प्रभाकर ने आगामी 16 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इधर बजट सत्र प्रारंभ होने जा रहा है, दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने 99 दिनों की कार्ययोजना देकर सभी जिलाधीशों को गाँवों में भ्रमण करने और कम से कम 10 दिनों तक वहाँ रहने के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रश्न खड़ा किया कि गत 2 वर्षों से गाँवों की ओर रुख तक नहीं करने वाले अधिकारी अब किस मुँह से गाँव जाएँगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता व अधिकारी यदि गाँव जाएँगे, तो क्रोधित जनता लताड़ने के लिए तैयार है।
मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (भारास) व कांग्रेस के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए प्रभाकर ने कहा कि म्युनिसिपल चुनाव में इन दोनों ने जिस प्रकार मिलीभगत की है जनता के समक्ष इनकी कलई खुल चुकी है, क्योंकि दोनों दलों के बीच डब फाइट चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीआरएस को आपस में गठबंधन करना हो तो खुले तौर पर करे या फिर गत केसीआर के शासन में जिस प्रकार कांग्रेस विधायक दल का बीआरएस में विलय हो गया था, अब बीआरएस विधायक दल कांग्रेस में विलय कर ले, लेकिन जनता को गुमराह न किया जाए। उन्होंने कहा कि दलबदलू विधायकों को घेरने के लिए बीआरएस के पास राज्यसभा चुनाव हथियार है।
साथ ही इस चुनाव के लिए बीआरएस द्वारा अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किए जाने का उल्लेख करते हुए संदेह भी जताया। उन्होंने कहा कि यदि बीआरएस इस चुनाव में प्रत्याशी उतारती है, तो कौन-सा विधायक किस पार्टी में है, यह तय हो जाएगा।
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