बालेंद्र शाह बन सकते हैं नेपाल के अगले प्रधानमंत्री
कामांडू, रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की नवगित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) शुक्रवार को नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक जनरेशन जेड के विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 144 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक, आरएसपी ने तीन सीटें जीती हैं और 104 अन्य सीट पर आगे चल रही है। हाल ही तक कामांडू के महापौर रहे बालेंद्र शाह, झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ओली के गढ़ में उनसे आगे चल रहे हैं।
शाह को 6,551 वोट मिले, जबकि ओली को केवल 1,428 वोट मिले। बालेन के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर के नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति के भाव को दर्शाता है। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं।
भारत नेपाल चुनाव पर रख रहा है करीबी नजर
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है, ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा कि हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान संबंधी आपूर्ति प्रदान की है। नेपाली कांग्रेस ने दो सीटें जीती हैं और 13 अन्य सीट पर आगे चल रही है, जबकि सीपीएन-यूएमएल 10 सीट पर आगे है। (भाषा)
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