जल बोर्ड में पब्लिक गवर्नेंस – प्रोग्रेस प्लान प्रोग्राम आरंभ
हैदराबाद, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की लीडरशिप में लागू किए जा रहे पब्लिक गवर्नेंस-प्रोग्रेस प्लान 99 दिन प्रोग्राम के तहत हैदराबाद महानगरीय पेयजलापूर्ति एवं मलजल निकास बोर्ड के सभी कार्यालयों में पहले दिन की गतिविधियां आयोजित की गईं।

खैरताबाद स्थित जल बोर्ड मुख्यालय में पब्लिक गवर्नेंस-प्रोग्रेस प्लान प्रोग्राम के तहत जलबोर्ड के प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी ने सह प्रबंध निदेशक (जेएमडी) मयंक मित्तल के साथ मिलकर अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा तय किए गए 99 दिन के ऐक्शन प्लान को सफलतापूर्वक लागू करने का निर्देश दिया। एमडी ने बताया कि आज से तेलंगाना सरकार के 99 दिन के ऐक्शन प्लान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए पब्लिक गवर्नेंस-प्रोग्रेस प्लान नाम से बड़ा प्रोग्राम बनाया है। इस प्रोग्राम को असरदार तरीके से लागू करने के लिए हर अधिकारी जल बोर्ड से जुड़े लक्ष्यों को पाने के लिए पूरी मेहनत करें।
प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी ने जल बोर्ड के मुख्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर ईडीपी और पब्लिक रिलेशन्स ऑफिस में फाइल निपटान की जांच की और कहा कि जमा हुई पुरानी फाइलों को हटाया जाए और ऑफिस को साफ-सुथरा रखा जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरी फाइलों को संभालकर रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत के हिसाब से डॉक्यूमेंट्स को स्कैन करके बैकअप लेने के निर्देश दिए।
15 दिनों में सभी फाइलों को डिजिटल करने के निर्देश
अवसर पर एमडी ने आदेश दिया कि सभी कार्यालयों और आस-पास की जगहों में सफाई प्रोग्राम चलाया जाए, साथ ही पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण की सफाई से जुड़े उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि बंद फाइलों को इंडेक्स के हिसाब से छाँटकर रिकॉर्ड रूम में स्टोर किया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि हर ऑफिस में ई-ऑफिस सिस्टम और डिजिटल गवर्नेंस लागू किया जाए और सभी मौजूदा फाइलों को 15 दिनों के अंदर डिजिटल फॉर्म में बदला जाए। उन्होंने कहा कि हर फाइल को स्कैन किया जाए और कल से दस दिनों के अंदर फिजिकल फाइलों को डिलीट कर दिया जाए और जरूरी मैनुअल फाइलों को ई-ऑफिस में बदलकर स्टोर किया जाए। उन्होंने बताया कि हर फाइल ई-ऑिफस के ज़रिए आनी चाहिए।
इस ऑफिस में एक बार स्कैन होने के बाद हर किसी को एक ही लेटर को दोबारा स्कैन करने की ज़रूरत नहीं है। हर बार इसे बड़े अफसर को भेजने के लिए स्कैन करने की ज़रूरत नहीं है। पहले जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, हर ऑफिस को सुबह इंस्पेक्शन करना चाहिए और लोगों से बात करके उनकी समस्याएँ जाननी चाहिए। जहाँ तक हो सके, इन इंस्पेक्शन में जन प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुबह के इंस्पेक्शन के दौरान लोगों से मिली शिकायतों को हल करने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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7 दिनों में मंजूर कार्य शुरू करने के निर्देश
एमडी ने कहा कि सभी मंज़ूर काम 7 दिनों के अंदर शुरू किए जाने चाहिए और काम 99 दिनों के अंदर पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑफिस में काम करने वाले सभी आउटसोर्सिंग स्टाफ का उनके काम करने की जगह से जांच किया जाना चाहिए, साथ ही जिम्मेदारियों की डिटेल्स और आउटसोर्सिंग डेटा तैयार किया जाना चाहिए। इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों को सभी इलाकों में वर्षा जल संरचना कार्यक्रम आयोजित करने, रुके हुए इलाकों और पानी की कमी वाले इलाकों में वर्षा जल संरचना बनाने पर खास ध्यान देने और इस्तेमाल न होने वाले बोरवेल को रिचार्ज पिट में बदलने के निर्देश दिए गए।
साथ ही एमडी ने कहा कि गंदे पानी से जुड़ी सभी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाना चाहिए। सीवरेज ओवरफ्लो और कस्टमर की शिकायतों को टाइम लिमिट में हल किया जाना चाहिए। जरूरी इलाकों में, हर वार्ड में हर दिन कम से कम 500 रनिंग मीटर सीवर लाइनों की सफाई की जानी चाहिए और 25 मैनहोल साफ किए जाने चाहिए। खराब मैनहोल की मरम्मत के साथ-साथ उन्होंने 99 दिन के प्रोग्राम में मैनहोल के ढक्कन बदले जाने के निर्देश दिये।
साथ ही कहा कि पानी की सप्लाई की मॉनिटरिंग के लिए खास समय दिया जाना चाहिए और फील्ड लेवल के स्टाफ, मैनेजर व डीजीएम प्रतिदिन पानी की क्वालिटी, सप्लाई के समय आदि की निगरानी करें। अवसर पर निदेशक टीवी श्रीधर, निदेशक (कार्मिक) मोहम्मद अब्दुल खादर, वित्त निदेशक पद्मावती, ओएंडएम, फाइनेंस, पीएडंए, आईटी, राजस्व, ट्रांसमिशन सीजीएम, जीएम और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
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