ज्ञानात्मक कौशल उन्नयन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हुआ व्याख्यान
हैदराबाद, हिन्दी महाविद्यालय में ज्ञानात्मक कौशल उन्नयन पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सीए विजय श्रीनिवास, संयुक्त सचिव प्रदीप दत्त, प्राचार्यद्वय डॉ. बाला कुमार (हिन्दी महाविद्यालय), डॉ. मदन मोहन (एमसी गुप्ता कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट), अध्यापक एवं छात्र उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। प्राचार्या डॉ. बाला कुमार ने अतिथियों का स्वागत कर मुख्य वक्ता का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि हिन्दी महाविद्यालय नगद्वय में प्रतिष्ठित संस्था के रूप में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम से स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर कक्षाएँ संचालित कर रहा है। मुख्य वक्ता ने बताया कि ज्ञानात्मक विकास में एआई को प्रयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चैट जीपीटी के प्रयोग के लिए प्राम्पिटिंग बहुत आवश्यक है।
यह भी पढ़ें ब्लू स्टार ने हैदराबाद में लांच किये नए रूम एयर कंडीशनर
प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से एआई समाधान का सही उपयोग संभव
प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें उत्पादक एआई के समाधानों को आवश्यक उत्पादन के लिए निर्देशित करते हैं। हमें आवश्यकता के अनुरूप प्रॉम्प्ट आधारित निम्न बातों की आवश्यकता होती है। सर्वप्रथम हम बेवसाइट की संरचनात्मक भाषा के माध्यम से ऐप का निर्माण करने के लिए प्रश्न और उत्तर बनाते हैं, फिर डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन जानकारी को मिलाकर नोटबुक एलम बनाते हैं। इसके माध्यम से इजी पंजीकरण का कार्य सरल होता है।
इससे समय की बचत होती है, ऑडियो, वीडियो जनरेट करते हैं। इसके द्वारा विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का उत्तर सरलता से मिल जाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। अध्यापकों को भी एआई से जोड़ना चाहिए। इससे विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान होता है। धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या बाला कुमार ने दिया। कार्यक्रम कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इसमें विभागध्यक्ष संजीव, मानसा, यादय्या और पल्लवी का विशेष योगदान रहा।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



