कैंसर की जाँच की दर बहुत कम होने से खामोश संकट की दस्तक
हैदराबाद, स्पष्ट तौर पर जाँच में कमी के कारण तेलंगाना में कैंसर के मामले खामोश संकट के रूप में सामने आ रहे हैं। यह गंभीर स्थिति इस वजह से पैदा हुई है कि हर साल कैंसर के मामले तो बढ़े हैं, लेकिन उनकी जाँच (स्क्रीनिंग) की दर बहुत ही कम रही है। इसके चलते कैंसर का पता तब चलता है जब वह काफी बढ़ चुका होता है। अमूमन अंतिम चरण में, जो कि मरीज़ के लिए असल में मौत का फरमान जैसा ही होता है।
पुरुषों में सबसे आम कैंसर मुंह का कैंसर है, लेकिन केवल 2.6 प्रतिशत पुरुषों ने ही मुंह के अंदर की सामान्य जाँच (ओरल कैविटी एग्जामिनेशन) करवाई है, जो इस तरह के कैंसर का पता लगाने के लिए होती है। महिलाओं में स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) सबसे ज़्यादा होने वाला कैंसर है। इसके बावजूद केवल 0.3 प्रतिशत महिलाओं ने ही स्तन की क्लिनिकल जाँच करवाई है। तेलंगाना में केवल 3.3 प्रतिशत महिलाओं ने ही कभी सर्वाइकल कैंसर की जाँच करवाई है, जबकि महिलाओं में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है।
शुक्रवार को निज़ाम्स इंस्टीट्यूट ऑ़फ मेडिकल साइंसेज़ (निम्स) और नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ इन्फ़ॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (एनसीडीआईआर) द्वारा जारी तेलंगाना कैंसर बर्डन प्ऱोफाइल 2026 के चौंकाने वाले नतीजों से पता चला है कि 30 से 49 साल की उम्र के सबसे ज़्यादा जोखिम वाले लोगों में कैंसर की शुरुआती जाँच (प्रिवेंटिव स्क्रीनिंग) लगभग न के बराबर हो रही है।
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अधिकांश मरीजों में अंतिम चरण में पता चल रहा कैंसर
रिपोर्ट में कहा गया है कि आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से की जाँच नहीं हो रही है, इसलिए कैंसर का पता तब चलता है जब वह शरीर में फैल चुका होता है। इससे उसका इलाज करना बहुत ज़्यादा मुश्किल और महँगा हो जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 55 प्रतिशत पुरुषों और 62 प्रतिशत महिलाओं में कैंसर का पता तब चलता है जब वह चौथे चरण में पहुँच चुका होता है, यानी जब कैंसर शरीर के दूसरे अंगों में भी फैल चुका होता है। तेलंगाना में कैंसर का सबसे बड़ा और रोका जा सकने वाला कारण तंबाकू है। पुरुषों में होने वाले सभी कैंसर के मामलों में से 58.8 प्रतिशत और महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में से 29.7 प्रतिशत का कारण तंबाकू ही है।
जाँच में हुई इन कमियों का कुल मिलाकर नतीजा यह हुआ है कि कैंसर के नए मामलों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और अब राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। साल 2026 में तेलंगाना में महिलाओं पर कैंसर का बोझ ज़्यादा रहने का अनुमान है। महिलाओं में कैंसर के 25,510 नए मामले सामने आने की उम्मीद है, जबकि पुरुषों में यह संख्या 21,252 रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि इस साल बच्चों और किशोरों (0 से 19 साल की उम्र के) में कैंसर के 1,199 नए मामले सामने आ सकते हैं। कैंसर का जल्दी पता लगाने, लोगों में जागरूकता फैलाने और किफायती इलाज की सुविधाएँ सुनिश्चित करने की हमारी क्षमता को मज़बूत बनाने की निश्चित रूप से ज़रूरत है।
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