कोरा संघ में मनाया गया आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनिजी का जन्मदिन

हैदराबाद, सिख छावनी स्थित श्री आनंद जैन भवन कोरा में श्री जैन श्रावक संघ कोरा के तत्वावधान में राजमतीश्रीजी म.सा. राजुल आदि ठाणा की निश्रा में आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनिजी म.सा. का 84वाँ जन्मदिन तप सामायिक के साथ मनाया गया। अध्यक्ष संजय कटारिया द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूज्यश्री ने कहा कि भगवान महावीर स्वयं तीरने और दूसरों को तारने वाले हैं।

भगवान महावीर ने कहा कि मैं भी निर्भय तुम भी निर्भय रहो, मैं शांति में तुम भी शांति में रहो। दूसरों की अपेक्षा स्वयं की देखने की प्रेक्षा हो गई, तो सभी को पहचानो। सबसे पहले अपने आपको पहचानो, क्योंकि आज की दुनिया कहती है मैं तुमको जानता हूँ। व्यक्ति के हाथ की तीन उंगली परमात्मा की होती है, जिससे माला फेरी जाती है और तिलक भी तीसरी उंगली से किया जाता है। म.सा. ने कहा कि अपने आपको देखें, तो सुख मिलेगा और दूसरे को देखें, तो सुख नहीं मिलेगा। अपना लक्षण देखें, तो सुख और शांति मिलेगी। परमात्मा महावीर ने जीवन में सात सुख बताएँ हैं। जीवन में सुख है, तभी सब आराम से बैठे हैं।

म.सा. ने कहा कि जीवन में सुख की अनुभूति बताने वाले गुरु हैं। सुख को बताने वाला गुरु है। गुरु कारीगर के समान है, जो शिष्य के जीवन को सही रूपे से गढ़ता है, उसके बेकार के विचारों और आचारों को निकालकर जीवन को तराशता है। म.सा. ने कहा कि पुराने समय में माता-पिता बेटे-बेटी को संस्कार देते थे, काम सिखाते थे, गलती करने पर डांटते व मारते भी थे, लेकिन वर्तमान में अभिभावक क्या कर रहे हैं, पता नहीं, क्योंकि उनको सही रूप से गढाई नहीं हुई, इसलिए वह धर्म, संस्कार से दूर होकर भटक रहे हैं।

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डॉ. शिवमुनिजी म.सा. का 84वाँ जन्मदिन समारोह और संदेश

ऐसे भटके हुए को गुरु की आवश्यकता होती है, जो उनके अंधकार को दूर कर जीवन को प्रकाशित करता है। शास्त्र के अनुसार तीन लोग नौकरी नहीं करते, राजा का बेटा, सेठ का बेटा और सुनार का बेटा। समाज की बेटा बेटी नौकरी कर दास बन रहे हैं, यह सही नहीं है। मोह की निद्रा से जागो, क्योंकि मोह की निद्रा से हटोगे, तो सुख मिलेगा। संसार में व्यवहार करना सीखें।

म.सा. ने कहा कि डॉ. शिवमुनिजी म.सा. का 84वाँ जन्म दिन है। डॉ. शिवमुनिजी म.सा. त्यागी हैं, जो ध्यान साधना में रत हैं। आचार्य का भार युवाचार्य महेन्द्रऋषिजी को सौंप दिया। म.सा. कितने साल से तपस्वी कर रहे हैं। आप लोगों से एक दिन की तपस्या करने को कहें, तो बहाने बनाते हैं। आचार्यश्री के जीवन से प्रेरणा लें। म.सा. ने आचार्यश्री के दीर्घायु शतायु की मंगल कामना की।

मंच संचालन करते हुए महामंत्री गौतमचंद मुथा ने सभी का स्वागत अभिनंदन किया। शुक्रवार, 19 सितंबर को पद्मावती माता तप आराधना के अंतर्गत एकासना का आयोजन किया जाएगा, संघ की ओर से एकासन की व्यवस्था रहेगी। इसके लाभार्थी गणेशमल दीपक कुमार संचेती परिवार हैं। हाजीवास से पधारे सुरेश कुमार मखाना का संघ द्वारा स्वागत किया गया। अवसर पर मंगलचंद कटारिया, गौतमचंद श्रीश्रीमाल, महावीरचन्द कटारिया, गौतमचंद मुथा, निहालचंद कोठारी उपस्थित थे।

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