मंदिर, पर्यटन और संस्कृति विकास के लिए ऐक्शन प्लान : भट्टी विक्रमार्का

हैदराबाद, उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि तेलंगाना की आत्मा कलाओं में बसती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मंदिर, पर्यटन एवं संस्कृति को समेकित करते हुए कार्ययोजना का प्रस्ताव रखती है। उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का एल.बी. स्टेडियम में रामदासु जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कलाएँ ही तेलंगाना की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती हैं। राज्य सरकार कला एवं संस्कृति के संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने कलाकारों के गौरव और गरिमा को बहाल करने तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

पिछले दो वर्षों में संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में राज्य की विकासात्मक उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने हेतु अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जनता ने न केवल सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अकादमी को प्रोत्साहित कर आवश्यक वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।

यह भी पढ़ें… जरूरत पड़ी तो तेलुगु लोगों की वापसी कराएंगे: रेवंत रेड्डी

भक्त रामदासु की भक्ति रचनाएं आज भी समाज में जीवित

भट्टी विक्रमार्का ने स्मरण किया कि नेलकोंडापल्ली में जन्मे गोपन्ना भक्ति और कीर्तन से भरपूर रचनाओं के कारण भक्त रामदासु के रूप में अमर हो गए। उनके द्वारा निर्मित भद्राचलम मंदिर और उनके कीर्तन आज भी तेलुगु समाज के हृदय में जीवित हैं। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि राज्य विभाजन के बाद क्षेत्रीय वाग्गेयकारों की महानता को उजागर करने के लिए सरकार आधिकारिक रूप से ऐसे उत्सवों का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि कलाएँ सामाजिक जागरूकता की जीवनरेखा हैं।

तेलंगाना में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और जनजागरूकता के लिए कला रूपों का उपयोग करने की समृद्ध परंपरा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कलाएँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जनजागरूकता का सशक्त साधन भी हैं। उन्होंने संगीत नाटक अकादमी को निर्देश दिया कि राज्य के प्राचीन मंदिरों तथा यूनेस्को से मान्यता प्राप्त धरोहर स्थलों, जैसे रामप्पा मंदिर को जोड़ते हुए पर्यटन और संस्कृति की समेकित एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। जनता में कला के प्रति बढ़ते उत्साह पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भट्टी विक्रमार्का ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सरकार पूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button