कैंसर इलाज में मुँह का स्वास्थ्य बेहद अहम : एम्स
नई दिल्ली, कई शोध अब यह साबित कर चुके हैं कि मौखिक स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। अब बढ़ते प्रमाण यह दिखा रहे हैं कि इसका संबंध हृदय रोग, मधुमेह, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं और अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों से भी है।
अब, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि मौखिक स्वच्छता का संबंध कैंसर के खतरे, निदान और विशेष रूप से सिर और गर्दन के कैंसर (सिर और गर्दन का कैंसर) में जीवन दर बढ़ाने से है।
मुँह का स्वास्थ्य और कैंसर के नतीजे
जुलाई 2025 को द लैंसेट रीजनल हेल्थ – साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित एक अध्ययन में ,एम्स के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक शंकर और डॉ. वैभव साहनी ने बताया कि 13 अध्ययनों के संयुक्त विश्लेषण में, जिनमें 12,527 नियंत्रण और 8,925 सिर और गर्दन का कैंसर मामले शामिल थे, यह सामने आया कि अच्छी मौखिक स्वच्छता (जैसे वार्षिक दंत चिकित्सक से जांच, कम टूटे दांत और नियमित ब्रशिंग) सिर और गर्दन के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक रही।
नियमित दंत जांच से घटता है कैंसर का खतरा

शोध में यह भी बताया गया कि पॉर्फायरोमोनास जिन्जिवेलिस और प्रेवोटेला इंटरमीडिया जैसे रोगजनक मौखिक बैक्टीरिया की उपस्थिति कैंसर की घटनाओं को बढ़ाती है और समग्र, कैंसर-विशिष्ट तथा रोग-मुक्त जीवन दर को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
शोधकर्ताओं ने कहा, “कैंसर उपचार की प्रक्रिया में मौखिक स्वास्थ्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच (अर्थात पिछले 10 वर्षों में 10 बार से अधिक) कराने से मृत्यु दर में कमी देखी गई है, विशेष रूप से मौखिक कैंसर में यह प्रभाव अधिक देखा गया है।” उन्होंने आगे कहा, “यह स्पष्ट है कि मौखिक देखभाल स्वास्थ्य से जुड़े परिणामों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिनमें कैंसर से जीवित रहने की संभावना भी शामिल है।
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यह प्रमाण दर्शाता है कि मौखिक स्वास्थ्य प्रथाओं को न केवल प्राथमिक देखभाल स्तर पर, बल्कि सभी स्वास्थ्य सेटिंग्स में एकीकृत करने की आवश्यकता है। प्रयास इस दिशा में होने चाहिए कि मौखिक स्वास्थ्य में प्रमाण आधारित, किफायती, सत्यापित और पर्याप्त संवेदनशीलता तथा विशिष्टता वाले ‘पॉइंट-ऑफ-केयर’ डायग्नोस्टिक्स विकसित किए जाएं।”
भारत में कैसे लागू हो मुँह का देखभाल
भारत में मुँह के देखभाल को लागू करने के सुझाव देते हुए, शोधकर्ताओं ने बच्चों के लिए देखरेख में ब्रश करने के कार्यक्रम की सिफारिश की। इसके अलावा, शिक्षकों और परिवारों को मौखिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने और व्यवहारिक परिवर्तन के लिए मुफ्त टूथब्रश और टूथपेस्ट वितरण की सलाह दी।
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