एआईओसीडी ने 93वीं डीटीएबी बैठक के एजेंडे को लेकर बोर्ड को सौंपा ज्ञापन

हैदराबाद, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने नई दिल्ली में हुई 93वीं ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की बैठक में प्रमुख एजेंडे के कुछ बिंदुओं को लेकर ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) के अध्यक्ष अतुल गोयल को ज्ञापन सौंपकर सुझाव पर अमल करने का आग्रह किया है।

यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एआईओसीडी के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे एवं महासचिव राजीव सिंघल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग तथा नियमबद्ध औषधि वितरण प्रणाली की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने एआईओसीडी के ज्ञापन पर प्रमुख रूप से गुड डिस्ट्रीब्यूशन प्रैक्टिसेज – जीडीपी के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इसे चरणबद्ध एवं व्यावहारिक रूप से लागू करने का आग्रह किया।

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हितधारकों की भागीदारी से डीटीएबी सुझाव लागू करने की अपील

अध्यक्ष ने कहा कि सभी हितधारकों को विश्वास में लेकर डीटीएबी के सुझावों को लागू करें और छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर कोई अनावश्यक भार न डाला जाए, इसका विशेष ध्यान रखें। इसी प्रकार एआईओसीडी ने शेड्यूल एच, एच1 एवं दवाओं के विज्ञापन के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध यह कहते हुए किया कि इससे स्व-चिकित्सा, दुरुपयोग एवं दवाओं के व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलेगा। संघ ने वर्तमान प्रतिबंध को यथावत बनाए रखने की मांग की है।

एआईओसीडी ने निकोटीन गम (2 मि.ग्रा.) के लिए शेड्यूल के छूट के संबंध में निकोटीन की लतकारी प्रकृति एवं संभावित दुरुपयोग को देखते हुए इस प्रस्ताव का स्पष्ट विरोध किया है। इसी प्रकार एलोपैथिक थोक विक्रेताओं द्वारा होम्योपैथिक दवाओं के भंडारण के संबंध के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उचित रिकॉर्ड संधारण एवं अतिरिक्त अनुपालन भार से बचने के सुझाव दिए गए हैं। ज्ञापन में संस्था ने अवैध ई-फार्मेसियों द्वारा इसके दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की है।

एआईओसीडी ने बिना वैध लाइसेंस के संचालित अवैध ई-फार्मेसियों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। साथ ही जीएसआर 817 एवं जीएसआर 220 जैसे प्रावधानों को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया, क्योंकि ये नियामकीय अस्पष्टता एवं दुरुपयोग को बढ़ावा देंगे। एआईओसीडी ने डीटीएबी से तीन प्रस्तावों को अस्वीकार करने, एजेंडा में 2 को हितधारकों के परामर्श से लागू करने का अनुरोध किया है। एआईओसीडी ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं नियमबद्ध औषधि वितरण प्रणाली सर्वोपरि रहनी चाहिए।

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