विधानसभा : फिलिपिंस को चावल निर्यात पर नोंकझोंक

हैदराबाद, मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (भारास) विधायक दल के उप नेता टी. हरीश राव द्वारा राज्य सरकार पर फिलिपिन्स को चावल निर्यात में घोटाला किए जाने संबंधी लगाए गए आरोपों को खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट में चावल निर्यात को लेकर कोई स्कैम नहीं हुआ है। हरीश राव सत्य से परे आरोप लगाकर सदन को गुमराह कर रहे हैं।

राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान टी. हरीश राव ने मंत्री द्वारा आरोपों को खारिज किए जाने पर पलटवार करते हुए सरकार से इस मुद्दे पर सदन समिति का गठन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे (हरीश राव) आरोपों को सिद्ध करके दिखाएंगे। विभिन्न मामलों में प्रवर्तन निदेशालय व सीबीआई जांच का सामना कर रहे प्रेमचंद गर्ग नामक व्यक्ति को फिलिपिन्स को चावल निर्यात मामले में सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।

राज्य के इतिहास में पहली बार फिलिपिन्स को चावल निर्यात

इस सलाहकार की दी गई सलाह के कारण राज्य को नुकसान हुआ है। इस पर मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि प्रेमचंद नामक व्यक्ति का फिलिपिन्स चावल निर्यात से कोई संबंध नहीं है। यह सारा गर्वनमेंट टू गवर्नमेंट ट्रांजैक्शन है और तेलंगाना सरकार ने सीधे फिलिपिन्स सरकार के साथ एग्रीमेंट साइन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना के इतिहास में पहली बार फिलिपिन्स को चावल निर्यात किया जा रहा है, इसमें कोई मध्यवर्ती नहीं है।

मंत्री ने बताया कि फिलिपिन्स को चावल का निर्यात जारी है। 1 सितंबर, 2025 से रिपब्लिक ऑफ फिलिपिन्स सरकार द्वारा इन्टर्नल डिस्टर्बेंस के चलते चावल के आयात पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने के बावजूद फिलिपिन्स सरकार ने तेलंगाना को चावल निर्यात की विशेष अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि फिलिपिन्स को 1 लाख मीट्रिक टन चावल निर्यात करने समझौता (एमओयू) किया गया है और अब तक 22,750 मीट्रिक टन चावल का निर्यात फिलिपिन्स को किया गया है।

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फिलिपिन्स को 3,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निर्यात

मंत्री ने बताया कि फिलिपिन्स को चावल निर्यात करने की दर प्रति क्विंटल 3,600 रुपये है और फिलिपिन्स को चावल आयात द्वारा वर्तमान समय तक 1.13 करोड़ रुपये लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम 1 लाख मीट्रिक टन चावल निर्यात के लिए समझौता किया गया था। अब तक 22,750 मीट्रिक टन चावल निर्यात कर दिया गया है और 77,250 मीट्रिक टन चावल निर्यात के लिए तैयार है।

टी. हरीश राव ने प्रश्न किया कि सरकार कह रही है कि 10 लाख मीट्रिक टन चावल निर्यात का समझौता फिलिपिन्स के साथ किया गया है और 22,750 मीट्रिक टन चावल निर्यात कर दिया गया है, लेकिन सरकार बताए कि यहीं तक निर्यात क्यों रोक दिया गया है, अतिरिक्त 7,500 टन चावल वर्षभर से काकीनाड़ा पोर्ट पर क्यों रखा हुआ है, क्या उसका कारण सलाहकार प्रेमचंद गार्गे तो नहीं है? उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक यदि चावल रखा हुआ हो तो कीड़े आदि समस्याओं का जिम्मेदार कौन होगा?

इस पर उत्तम ने आक्रोशित होकर कहा कि दरअसल हरीश राव ने नागरिक आपूर्ति आयुक्त को फोन करके उनके एक व्यक्ति का नाम सुझाया था, उसे नहीं लिए जाने के कारण अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलिपिन्स के साथ चावल निर्यात में कोई भी मिडिल मैन नहीं है। प्रेमचंद गर्ग से तो कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल टेंडर द्वारा आदित्य बिरला ग्रुप को टेंडर दिया गया है। हरीश राव ने मंत्री के जवाब से असंतुष्टी जताई और विरोध करते हुए बैठ गए।

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