मौसमी फलों के फायदे : सेहत के लिए प्राकृतिक घरेलू नुस्खे

फल वैसे तो हमारे लिये, हमारी सेहत के लिये गुणकारी साबित होते हैं, पर महंगाई के इस ज़माने में कुछ फलों का सेवन गरीबों की पहुंच से दूर होता है। पर सस्ते, स्वाथ्यकारी मौसमी फलों का सेवन सभी कर सकते हैं, और सभी को करना भी चाहिए। ये फल ही हैं, जिनका सेवन करने से हम छोटे-छोटे रोगों से दूर रहते हैं। ना सिर्फ फल, बल्कि उनके बीज, छिल्के और अन्य भाग भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। आइये, फलों के प्रयोग और फायदे के बारे में जानें और रोगों से दूर रहें।

अनार

अनार का छिलका बारीक करके चार ग्राम मात्रा में पानी के साथ दिन में दो बार खाने से पेशाब का बार-बार आना बन्द हो जाता है। ध्यान दें कि पेशाब के बार-बार आने की परेशानी में चावल का परहेज़ करें और दस दिन तक इसका सेवन करें।
अनार के फूल छाया में सुखाकर बारीक करके मलने से दांतों से खून आना बन्द हो जाता है और दांत मजबूत बने रहते हैं।
मीठे अनार का छिलका बीस ग्राम और नमक लाहौरी 3 ग्राम को बारीक पीस कर पानी में 1-1 ग्राम की गोलियां बनाकर दिन में तीन बार 2-2 गोली चूसने से खांसी में आराम मिलता है। खटाई का परहेज जरूरी है।

आम

मीठे आम का गूदा लेकर 300 ग्राम दही और जरूरत अनुसार चीनी और बर्फ मिलाकर लस्सी बना लें। एक गिलास रोज़ाना पीने से शरीर तन्दुरूस्त होता है, चेहरे का रंग निखरता है एवं लू से बचाव होता है। यही नहीं, इसके सेवन से भूख भी बढ़ती है।
अगर दांतों से खून आता हो तो आम के पत्ते छाया में सुखाकर, जला कर बारीक महीन पीसें। इसे दांतों पर मलने से खून का आना बन्द हो जाता है और दांत मजबूत बनते हैं।

125 ग्राम मीठे आम का रस, 250 ग्राम दूध और ज़रूरत अनुसार चीनी मिलाकर दो महीने पीने से ताकत बढ़ती है। 20 ग्राम मीठे आम का रस, दो ग्राम सोंठ पीसकर मिलाकर लगातार सात दिन तक सेवन करने से हाजमा ठीक रहता है। दो कच्चे आम को आग में भूनकर उनका गूदा निचोड़कर 250 ग्राम पानी में थोड़ी बर्फ और चीनी मिलाकर दिन में दो बार पीने से लू से बचा जा सकता है।

केला

पका हुआ केला शक्कर में मिला के दूध के साथ आठ दिन तक सेवन करने से नकसीर में आराम पहुंचता है। 150 ग्राम दही व दो केले कुछ दिन खाने से दस्त, पेचिश, संग्रहणी में फायदा पहुंचता है। अगर मुंह में छालों ने परेशान कर रखा हो तो छाले वाले स्थान पर गाय के दूध की दही के साथ चार दिन तक पका आम खाने से मुंह के छालों को फायदा पहुंचेगा।

जामुन

अगर पेशाब बार-बार आता हो तो जामुन की गुठली बारीक करके चार-चार ग्राम सुबह-शाम करीब 100 ग्राम ताजे पानी के साथ लगातार 20 दिन इस्तेमाल करने से पेशाब का बार-बार आना बंद हो जाता है। खूनी दस्त के लिये भी फायदेमंद नुस्खा है।
जामुन का मंजन भी दांतों के लिये फायदेमंद रहता है। जामुन की हरी छाल के बारीक पावडर को मंजन की तरह मलना दांतों की बहुत-सी बीमारियें के लिये फायदेमंद रहता है। पायरिया भी दूर करता है। जामुन की हरी ताजा छाल छाया में सुखाकर बारीक करके 4-4 ग्राम सुबह शाम बकरी या गाय के दूध के साथ खाने से औरतों के प्रदर रोग को फायदा करता है।

अंगूर

मिर्गी की शिकायत हो तो अकरकरा 10 ग्राम को बारीक करके 20 ग्राम मुनक्का में खूब रगड़कर मंजन बना लें। बीज निकालकर फेंक दें। फिर इनमें से 2 ग्राम 15-20 दिन तक सेवन करें। मिर्गी में कुछ हद तक फायदा होगा। ताजे अंगूर का 50 ग्राम रस रोज़ाना पीने से हाजमे की खराबी, पेट का बेवजह फूलना, कब्ज़, सिर दर्द, चक्कर आना आदि रोग दूर होते हैं। अगर सूखी खांसी हो तो बादाम की गिरी, मुलहठी, बीज निकला मुनक्का, सब 10-10 ग्राम बारीक महीन पीसकर चने के बराबर गोलियां बनायें। दो-दो गोली मुंह में डालकर दिन में चूसें। सूखी खांसी में आराम मिलेगा।

सेब

पेट की गैस में एक मीठा सेब लेकर उसमें करीब 10 ग्राम लौंग चुभा दें। दस दिन बाद लौंग निकालकर 1 लौंग रोज़ाना पानी से खायें। चावल का सेवन न करें। पेट की गैस से आराम मिलेगा। एक मीठा सेब काटकर नमक लगाकर हल्के मुंह चबाकर 15 दिन खाने से पुराने सिर दर्द को चैन व आराम मिलता है। दस दिन तक लगातार एक मीठा सेब काटकर बिना छीले खाने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है।

-मौ. अहतशाम अली शाद

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