पक्षी बाज़ार क्रूरता तथा अवैध व्यापार के बड़े केंद्र : मेनका गांधी

हैदराबाद, पीपुल फॉर एनिमल्स की संस्थापक तथा मेनका गांधी ने शुक्रवार को बंजारा हिल्स, रोड नंबर 12 स्थित अला लिबर्टी में पशु प्रेमियों, स्वयंसेवकों और पशु कल्याण अधिवक्ताओं के साथ आयोजित विशेष संवादात्मक सत्र में भाग लिया। अवसर पर उन्होंने सभी पशु कल्याण कार्यकर्ताओं तथा संगठनों को एकजुट होकर सेना की तरह काम करने का आह्वान करते हुए संबंधित सभी कानूनों से परिचित होने की अपील की।

पीपुल फॉर एनिमल्स अभया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि पशु कल्याण से ज़ुड़े प्रयासों में वृद्धि हुई है, लेकिन अकेले काम करने वाले व्यक्ति असुरक्षित हैं। अक्सर उन्हें आवासीय संघों द्वारा विभिन्न रूपों से परेशान किया जाता है। कई मामलों में डराने-धमराने से लेकर उन पर हमला तक किया जाता है। इन मामलों से जुड़ी शिकायतों को कभी-कभी पुलिस भी गंभीरता से नहीं लेती है।

इसके लिए सभी पशु हितैषियों को परस्पर संगठित होने की आवश्यकता है। बड़े दुःख का विषय है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले एकजुट न होकर वैयक्तिक हैं। हमें अपने लक्ष्यों में अडिग रहने के लिए पूर्ण अनुशासन के साथ मिलकर काम करते हुए लोगों को अपनी पूंजी बनाना चाहिए। इसके साथ ही हम सभी को अपने जनप्रतिनिधियों जैसे कॉर्पेरेटर, विधायक तथा सांसदों सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।

मेनका गांधी ने कहा कि पशु रक्षा अभियान को लेकर केवल आवारा कुत्तों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसमें गौ वंशों सहित विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु तथा पक्षी आदि भी इसके दायरे में आते हैं। उन्होंने कहा कि पक्षी बाज़ार क्रूरता तथा अवैध व्यापार के बड़े केंद्र हैं। यहाँ न केवल घरेलू बल्कि लुप्तप्राय व विदेशी पक्षियों की अवैध रूप से खुलेआम बोली लगाकर बिक्री की जाती है।

यह भी पढ़ें… नौकरियों की जगह ले सकता है एआई : मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

सरकारी सुधार और प्रतिबद्धता पर मेनका गांधी का जोर

पशु कल्याण कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर इन बाजारों को बंद कराने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि समग्ररूप पशु कल्याण को वास्तविक रूप में सुनिश्चित करने के लिए कानूनी हस्तक्षेप तथा सरकारी व्यवस्थागत सुधारों की आवश्यकता है। इसके लिए इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को उद्देश्य को साधकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध होना होगा।

मेनका गांधी ने अपने कुछ अनुभवों को साझा करते हुए पशु रक्षा अभियान को बढ़ाने में सोशल मीडिया की भूमिका पर बल दिया।उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कम से कम इंफ्यूएंसर्स को आगे आकर पशुओं तथा जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता के संदेश का प्रसार करना चाहिए। इसका कारण है कि सोशल मीडिया ने पशु अधिकारों की वकालत को पूरी तरह से बदल दिया है। इसने पशुओं के प्रति क्रूरताओं को उजागर करते हुए जवाबदेही को बढ़ावा दिया है। पशु अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों को शिक्षित करना आवश्यक है, ताकि वे खुद इनकी अहमियत समझते हुए दूसरों को प्रेरित कर सकें।

अवसर पर ब्लू क्रॉस ऑफ हैदराबाद की सह-संस्थापक अमला अक्किनेनी, पीपुल फॉर एनिमल्स हैदराबाद की अध्यक्ष वी. वसंती, उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी श्रीनिवासन, लव फार काउ फाउंडेशन के चेयरमैन जसमत भाई पटेल, भारतीय प्राणी मित्र संघ के जसराज श्रीश्रीमाल सहित पशु कल्याण से जुड़े प्रतिनिधि व पशु प्रेमी उपस्थित थे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button