कांग्रेस की गारंटियों पर प्राइवेट बिल लाएगी बीआरएस

हैदराबाद, विधानसभा के प्रस्तावित बजट सत्र को गर्मागर्म बनाने के लिए बीआरएस विशेष रणनीति बना रही है। खास तौर पर सरकार की विफलताओं को जाहिर करने और विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति के लिए बीआरएस के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने आज संकेत दिये कि उनकी पार्टी कांग्रेस की गारंटियों पर अमलावरी न होने का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा में प्राइवेट बिल लाने की कोशिश करेगी।

गंडीपेट स्थित गोलकोंडा रिसॉर्ट में बीआरएस के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की विशेष कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसमें कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए वादों और सरकार द्वारा किए जा रहे कथित अत्याचारों के मुद्दों को विधानसभा में उठाने की रणनीति पर चर्चा की गई। अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदनाचारी, बंडा प्रकाश, तलसानी श्रीनिवास यादव, सबिता इंद्रा रेड्डी व अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। इस कार्यशाला में विधानसभा सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर जनप्रतिनिधियों को मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही सदन में उठाए जाने वाले जनसंबंधित मुद्दों, नियमावली (रूल बुक) तथा संवैधानिक विषयों पर भी जानकारी दी गई।

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वादे पूरे न करने पर कांग्रेस सरकार को घेरने की योजना

बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले तीसरे बजट का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। सरकार के कार्यकाल का लगभग आधा समय बीत चुका है और जनता द्वारा वादों को पूरा करने के लिए दिया गया समय भी समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि वादों को पूरा करने में कांग्रेस की विफलता और जनता के साथ हुए धोखे को उजागर करने के लिए बजट सत्र के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति पर आज की बैठक में चर्चा की गई।

केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए दो वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक विधानसभा में किसी भी समिति का गठन नहीं किया गया है। पब्लिक अकाउंट्स कमेटी उनकी पार्टी छोड़कर गए व्यक्ति को सौंप दी गयी है। इसके अलावा न तो कोई सेलेक्ट कमेटी है, न स्टैंडिंग कमेटी और न ही पिटिशन कमेटी। यहाँ तक कि विधानसभा में डिप्टी स्पीकर भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मजबूरी में विधानसभा सत्र चला रही है और बहुमत के बल पर बुल्डोजर नीति अपनाते हुए विपक्ष की आवाज दबा रही है।

छह गारंटियों को लागू न करने पर कांग्रेस पर आरोप

कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में छह गारंटियों को कानूनी दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें लागू नहीं किया गया। इसी कारण बीआरएस विधानसभा में एक प्राइवेट मेंबर बिल लाने की कोशिश करेगी और कांग्रेस से उस बिल को समर्थन देने की माँग करेगी। केटीआर ने कहा कि जनता से किए गए वादों को छोड़कर कांग्रेस सरकार विधानसभा में केवल राजनीतिक नाटक कर रही है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राहुल गांधी को एक हजार करोड़ रुपये देने की बात करते हैं, लेकिन किसानों को मिलने वाली रैतु बंधु योजना को नजरअंदाज कर रहे हैं। सरकार विधानसभा में आंकड़ों के साथ हेरफेर कर रही है और वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही है, जिसे बीआरएस तथ्य और आंकड़ों के साथ उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि मूसी नदी परियोजना से प्रभावित लोगों तथा गरीब दलित, आदिवासी और अन्य कमजोर वर्गों के मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा।

केटीआर ने आरोप लगाया कि सरकार धन की कमी का हवाला देते हुए भी मूसी परियोजना के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मूसी नदी के सौंदर्यीकरण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस परियोजना के नाम पर होने वाले कथित भ्रष्टाचार और लाखों लोगों के घरों को तोड़े जाने का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी मूसी की सफाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस परियोजना के माध्यम से दिल्ली को धन भेजने की कोशिश कर रहे हैं। केटीआर ने कहा कि जिसने डे इकोनॉमी को नुकसान पहुंचाया है, वही अब नाइट इकोनॉमी की बात कर रहा है।

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