बजट सत्र में पारित हो आरटीसी के विलय का बिल : कविता

हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की संस्थापक व पूर्व विधान परिषद सदस्य के. कविता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार से 26 फरवरी से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के सरकार में विलय संबंधी बिल पारित करने तथा आरटीसी चेयरमैन पर तुरंत ही नियुक्ति करने की माँग की।

आरटीसी विलय और कर्मचारियों के मुद्दों पर के. कविता का बयान

बंजारा हिल्स स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए के. कविता ने आरटीसी कर्मचारियों की जेएसी द्वारा विभिन्न माँगों को लेकर 24 फरवरी को आहूत चलो सचिवालय आंदोलन को तेलंगाना जागृति की ओर से पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि बीआरएस शासन के दौरान विभिन्न माँगों को लेकर 52 दिनों तक आरटीसी कर्मचारियों ने हड़ताल की थी, जिसमें करीब 33 कर्मचारी मारे गए।

पूर्व सरकार पर यूनियन रद्द करने और बर्खास्तगी के आरोप

इसके चलते पूर्व केसीआर सरकार ने आरटीसी में यूनियनों को रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि पूर्व केसीआर शासन में छोटे मोटे कारण दिखाकर कई आरटीसी कर्मचारियों को नौकरियों से निकाला गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर आरटीसी का सरकार में विलय करने का वादा कर्मचारियों से किया था, लेकिन सत्ता में आए ढाई साल होने के बावजूद न ही आरटीसी का सरकार में विलय किया गया, न ही यूनियनों को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि आरटीसी में रिटायर्ड कर्मचारियों के स्थान पर नियुक्तियाँ तक नहीं की जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है।

कविता ने कहा कि महालक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को फ्री बस यात्रा सुविधा जब से दी जा रही है, बसों का आक्युपेंसी रेशो बढ़ गया है, कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आरटीसी कर्मचारियों की श्रम लूट जारी है। 16 से 18 घंटे काम लेकर श्रम कानूनों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी योजना के तहत 300 करोड़ रुपये देने का वादा सरकार ने किया था, लेकिन अभी तक नहीं दिया गया।

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महालक्ष्मी योजना निधियों पर श्वेत पत्र की माँग

कविता ने सरकार से माँग की कि महालक्ष्मी योजना के तहत आरटीसी को कितनी निधियाँ दी गयी हैं, श्वेत पत्र जारी करे। उन्होंने सरकार पर आरटीसी का निजीकरण करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीसी में इलेक्ट्रिक बसें निजी संस्थाओं से किराए पर ली जा रही हैं। उनमें ड्राइवर कंडक्टर तक आउटसोर्सिंग से लिए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि एक बस पर आरटीसी के 6 कर्मचारी पलते हैं, लेकिन सरकार आउटसोर्स द्वारा केवल 3 लोगों से काम चला रही है। उन्होंने कहा कि आरटीसी के अपने बस डिपो खाली कर निजी कंपनियों को दिए जा रहे हें।

इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग डिपों में की जा रही है, जिसका खर्च सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि बस बॉडी बिल्डिंग सेक्शन भी बंद कर दिया गया है। कांग्रेस हाईकमान द्वारा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार की कैबिनेट को दिल्ली बुलाए जाने को तेलंगाना के आत्मगौरव को दिल्ली दरबार में गिरवी रखे जाने संबंधी बीआरएस विधायक दल के उप नेता टी. हरीश राव के बयान पर कविता ने कहा कि शत प्रतिशत हरीश राव ने सही कहा है।

परंतु पूर्व केसीआर शासन के समय एर्रावेल्ली फार्महाउस में आत्मगौरव गिरवी रखा जाता था, अब कांग्रेस ने दिल्ली में रख दिया है, दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की कैबिनेट बैठक सचिवालय में होनी चाहिए, फार्महाउज या दिल्ली में होगी, तो वह तेलंगोना के आत्मगौरव को गिरवी रखने के बराबर ही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन द्रोहियों को बगल में बैठाकर यात्रा करने वाले केटीआर को पता चले आंदोलन के द्रोही कौन हैं यह जनता ही तय करेगी।

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